विकास कार्यों में लापरवाही पर पालिका अध्यक्ष को नोटिस
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एटा। नगर में विकास कार्यों में लापरवाही को लेकर शासन ने पालिकाध्यक्ष पर सख्ती की है। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब तलब किया है। साथ ही बोर्ड बैठक का सुचारु आयोजन नहीं कराने पर नाराजगी जताई है।
नगर निकाय चुनाव के बाद से नगर पालिका एटा में गुटबाजी चरम पर है। अब तक हुई दो बैठकें हंगामे और सभासदों के विरोध की भेंट चढ़ गई हैं। वहीं गुटबाजी के चलते नगर में विकास कार्य अटके पड़े हैं। आए दिन खुल रही घोटालों की पोल पर भी शासन पहले नाराजगी जता चुका है। अब नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी को नोटिस जारी किया है। इसमें उन्होंने पालिकाध्यक्ष को पालिका के कार्यों में दिलचस्पी न लेने के साथ सभासदों के मध्य समन्वय नहीं बनाने और नगर में विकास कार्यों में लापरवाही बरतने पर नाराजगी जताई है। पालिकाध्यक्ष को दिए नोटिस में प्रमुख सचिव ने जवाब मांगा है।
- शासन को भेजी गई थी जांच रिपोर्ट
पिछले दिनों नगर पालिका में हुई बोर्ड बैठक के बाद मिनट बुक में छेड़छाड़ मामला सामने आया था। जिसमें पालिकाध्यक्ष पति राकेश गांधी को दोषी मानते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई गई। साथ ही मामले की जांच रिपोर्ट को शासन को भेजा गया था। बताते चले कि मिनट बुक छेड़छाड़ किए जाने के बाद सभासदों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व महेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में तीन प्रशासनिक अधिकारियों से जांच रिपोर्ट तैयार की गई थी।
- गुटबाजी ने बिगाड़ा माहौल
पालिका में चुनाव के बाद से ही गुटबाजी हाबी होती रही। पहली बैठक में 15 सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। आरोप था कि बैठक के एजेंडे में पूर्व में बन चुकी गलियों के भी प्रस्ताव शामिल कर दिए गए है। जिसे लेकर बोर्ड बैठक नहीं हो सकी।
कारण बताओ नोटिस प्राप्त हुआ है, जिसका हर बिंदुबार जवाब तैयार किया जा रहा है। समय अवधि में ही नोटिस का जवाब दे दिया जाएगा।
मीरा गांधी, पालिकाध्यक्ष