फिरोजाबाद। टीटीजेड क्षेत्र में प्रतिबंधित ईंधन कोयला, लकड़ी और डीजल से संचालित इकाइयों, होटल ढाबों की जांच के लिए मक्खनपुर से टूंडला तक तीन टीमें दौड़ाई गईं। सिटी मजिस्ट्रेट ने चमेली बाग में लकड़ी को प्रयोग करने पर ग्लास फैक्ट्री को सीज कर दिया।
टीटीजेड क्षेत्र में प्रतिबंधित ईंधन से संचालित उद्योगों, होटल, ढाबों को बंद कराने के लिए डीएम नेहा शर्मा ने सिटी मजिस्ट्रेट प्रियंका सिंह, डीडीओ अरविंद चंद्र जैन, एसडीएम मुख्यालय देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में तीन टीमें गठित की गईं।
डीडीओ अरविंद चंद्र जैन ने मक्खनपुर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया का निरीक्षण किया। कांच में प्रयुक्त होने वाले ईंधन की जांच की। जांच के दौरान किसी भी इकाई में प्रतिबंधित ईधन का प्रयोग होते नहीं मिला। कस्बे में संजय होटल व रेस्टोरेंट पर घरेलू गैस सिलेंडर का प्रयोग होते मिला। होटल स्वामियों को कामर्शियल गैस सिलैंडर प्रयोग करने की हिदायत दी गई।
सिटी मजिस्ट्रेट ने टीम के साथ नगला इंडस्ट्रियल एरिया में मित्तल सिरेमिक, मातेश्वरी ग्लास का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दोनों इकाइयां गैस से संचालित मिलीं। इसके बाद राजा का ताल स्थित चमेली बाग पहुंची। यहां अजय ग्लास वर्क्स का निरीक्षण किया। फैक्ट्री में गैस की पाइप लाइन पड़ी थी, परंतु फैक्ट्री में लकड़ी से भी भट्ठी चल रही थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर फैक्ट्री सील की। राजा का ताल पर मास्टर ढाबा पर लकड़ी से भट्ठी जलती मिली, तो मौके पर पानी डालकर बुझवाया गया।
स्टेशन रोड पर मनोहर ग्लास का औचक निरीक्षण किया। फैक्ट्री के अंदर लकड़ी पाई गई लेकिन फैक्ट्री गैस से संचालित मिली। फैक्ट्री को स्वामी को निर्देश दिए कि लकड़ी को तत्काल हटवा दें। हुनमान ग्लास वर्क्स, इंडिया ऑप्टीकल्स, श्रीगणेश ग्लास वर्क्स गैस से संचालित मिलीं। स्टेशन रोड पर ही सुमित भोजनालय व एक अन्य ढाबा पर कोयले से भट्ठी जलती मिली, जिसे पानी डालकर बुझवा दिया।
एसडीएम मुख्यालय देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने टूंडला में ग्लास व अन्य श्रेणी की इकाईयों व होटल-ढाबों की जांच की। इस दौरान होटल व ढाबों पर प्रतिबंधित कोयला व लकड़ी को ईंधन के रूप में प्रयोग करते हुए पाया।
मंडलायुक्त के राममोहन राव के लगातार निर्देश के बावजूद टीटीजेड क्षेत्र में कांच इकाइयां ही लकड़ी से संचालित होते मिलीं। इससे पहले भी कई प्रतिबंधित केमिकल की फैक्ट्रियां टीटीजेड क्षेत्र में चलती पकड़ी गईं।
टीटीजेड क्षेत्र में कांच उद्योग से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए नीरी के सुझावों का कितना अनुपालन हुआ। इस संबंध में डीएम को संबंधित विभागों ने अनुपालन आख्या सौंपी। उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, विकास प्राकरण, एआरटीओ व वन विभाग सहित संबंधित विभागों ने आख्या सौंपी।