मथुरा। वाणिज्य कर विभाग की कार्रवाई के बाद मित्तल प्लाई बोर्ड एवं फर्नीचर्स व तन्मय एंटरप्राइजेस फर्म ने 14.55 लाख रुपये अघोषित कर के विभाग को सरेंडर कर दिए हैं। वहीं मथुरा में मार्बल कारोबारी के यहां हुई सर्वे की कार्रवाई में 5.5 लाख रुपये सरेंडर किए हैं।
वाणिज्य कर विभाग की टीम ने ज्वाइंट कमिश्नर इंदिरा गुप्ता के निर्देश पर गोवर्धन बरसाना रोड के समीप प्लाई बोर्ड कारोबारी के यहां वाणिज्य कर विभाग की टीम ने सर्वे की कार्रवाई की थी। विभाग के आधा दर्जन अधिकारियों ने पांच घंटे तक कार्रवाई की, जिसमें फर्म की ओर जीएसटी ऑनलाइन में 14.55 रुपये सरेंडर किये गये। वाणिज्य कर टीम कम खरीद व बिक्री की शिकायत पर पहुंची थी। फ र्म का गोदाम जंगल में बनाया था, जिसमें आफि स भी चल रहा था। गोदाम की इमारत पर किसी प्रकार का नाम अंकित नहीं था।
गोदाम के स्टॉक में लकड़ी के करीब तेईस हजार बोर्ड व करीब आठ हजार सनमाइका मिले। वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर अमित मोहन के निर्देशन में टीम ने जब स्टॉक खरीद व बिक्री का लेखा जोखा देखा तो गड़बड़ी पकड़ में आ गई। स्टाक का मिलान करने पर टीम को पांच घंटे का समय लग गया। वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर अमित मोहन ने बताया कि शिकायत पर दो फर्मों की जांच की गई है।
जांच में जीएसटी नियमों में अनदेखी की गई, जिसमें सर्वे में रिपोर्ट ऊपर भेज दी गई है। मित्तल ट्रेडर्स पर फर्म का नाम भी अंकित नहीं मिला है। स्टॉक अधिक होने और खरीद बिक्री का सत्यापन किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए ज्वाइंट कमिश्नर इंदिरा गुप्ता ने बताया कि प्लाई बोर्ड कारोबारी अघोषित कर के 14.55 लाख रुपये सरेंडर किए हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित मारबल कारोबारी के यहां भी सर्वे की कार्रवाई विगत दिनों हुई थी। मारबल कारोबारी ने अघोषित कर के 5.5 लाख रुपये सरेंडर किए हैं।