मथुरा । विकास प्राधिकरण क्षेत्र में सील लगे भवनों पर धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी है। इंजीनियरों के संरक्षण में प्राधिकरण के रिकार्ड गोलमाल कर अवैध निर्माण किया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा भवन निर्माण संबंधी रिकार्ड में किए जा रहे गोलमाल पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विकास प्राधिकरण क्षेत्र में करीब 50 से अधिक स्थानों पर सील तोड़कर अवैध निर्माण किया जा रहा है। यह निर्माण अधिकतर स्थानों पर व्यावसायिक कॉम्प्लैक्स के निर्माण कराने के लिए किया जा रहा है। जिनकी प्राधिकरण में नक्शा पास कराए जाने पर मोटी फीस देनी पड़ती है। निर्माण कर्ताओं द्वारा इस रकम को बचाने की खातिर विप्रा के इंजीनियरों और अधिकारियों से सांठ-गांठ कर के निर्माण कराया जा रहा है।
तत्कालीन विप्रा उपाध्यक्ष यशु रुस्तगी के कार्यकाल में इन निर्माणों पर सील लगाई गईं थीं। उनके स्थानांतरण होते ही इंजीनियरों से साठ-गांठ करके इनकी सील खोल दी गईं और अवैध निर्माण प्रारंभ कर दिया गया है। इनमें से कई भवनों के सील लगाने संबंधी रिकार्ड तक गायब कर दिए गए हैं।
कई व्यावसायिक भवनों का निर्माण भी पूरा हो चुका है। वहीं करीब एक सैकड़ा से अधिक स्थानों पर पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। इसके बाद भी विप्रा अधिकारियों द्वारा न तो इंजीनियरों के खिलाफ और ना ही अवैध निर्माण को रोका जा रहा है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष समीर वर्मा ने बताया कि हमें जैसे ही सूचना मिल रही है कार्रवाई कर रहे हैं।
यहां चल रहा अवैध निर्माण
नवादा चौराहे पर मार्केट, दामोदरपुरा क्षेत्र में मंदिर के पास मुख्य मार्ग पर, औरंगाबाद तिराहे और मुख्य मार्ग पर, महाविद्या चौराहे से पहले डबल स्टोरी मार्केट, गोविंद नगर में चार स्थानों पर, कृष्णा नगर में मुख्य मार्केट के निकट तीन मंजिला मॉल, दो मंजिला मार्केट, कृष्णा नगर में एक दुकान और मार्केट, जमुनापार में मार्केट , बाजना पुल के निकट, गोकुल तिराहे के पास, एनएच-2 पर गोवर्धन चौराहे के पास करीब सात स्थानों पर, गोवर्धन रोड से सटी कालोनियों में और शहर के अन्य स्थानों पर धड़ल्ले से अवैध निर्माण चल रहा है।