एटा। जिले को मिले गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा होने वाला है। हालांकि कुछ क्रय केंद्रों पर किसानों को अभी भी परेशान किया जा रहा है, मगर जिला प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे धांधली पर रोक नहीं लग पा रही है।
शासन स्तर से जिले को 65 हजार मैट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था इसमें से अब तक लक्ष्य करीब 81 फीसदी हो चुका हैं। इसके सापेक्ष 53 हजार मैट्रिक टन की खरीद हो चुकी हैं। जिले भर के 15 हजार से अधिक किसानों को सरकारी लेवी का लाभ भी मिल चुका हैं। इनसे 1735 रुपये की दर से गेहूं की खरीद कर उचित दर का लाभ दिया गया है।
क्रय केंद्र प्रभारी जोतवही व खतौनी के साथ-साथ हिस्सा प्रमाण पत्र के आधार पर ही किसान से गेहूं खरीदेंगे ताकि किसी भी तरह की धांधली की गुंजाइश नहीं रहे। इतना ही नहीं 40 क्विंटल से अधिक की बिक्री करने वाले किसान को प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। प्रमाण पत्र जमा करने के बाद ही गेहूं की खरीद क्रय केंद्र प्रभारी कर सकेंगे।
किसान को परेशान किया गया तो होगी कार्रवाई
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा के फोन पर किसान ने कॉल करके बताया कि एफसीआई क्रय केंद्र पर टोकन देने के बाद भी गेहूं की खरीद नहीं की जा रही है। इस पर अधिकारी ने क्रय केंद्र प्रभारी को सख्त हिदायत दी कि किसानों को परेशान किया गया तो कार्रवाई के लिए तैयार रहे।
जिले को 65 हजार मैट्रिक टन का लक्ष्य मिला था अब तक लगभग 81 फीसदी हो चुका है। जिससे 15 हजार से अधिक किसानों को लाभ पहुंचा है। अभी खरीद जारी हैं वारदाना आदि की कोई कमी नहीं है लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
प्रज्ञा शर्मा, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी