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एडवांस: कागजों पर दौड़ती रहीं योजनाएं, भटकते रहे पात्र: फोटो

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एडवांस: कागजों पर दौड़ती रहीं योजनाएं, भटकते रहे पात्र: फोटो
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सांसद आदर्श गांव करतला में योजनाओं का बुरा हाल
शौचालय और आवास निर्माण में जमकर हुआ खेल
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। सरकार गरीबों के लिए योजनाएं बनाती है, लेकिन जिले में गरीबों तक उनका लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। जिले के सांसद आदर्श गांव करतला का हाल कुछ ऐसा ही है। गांव के विकास को आईं योजनाएं कागजों पर दौड़ रही हैं, जबकि पात्र भटकने को मजबूर हैं। पढ़िए रिपोर्ट...
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नहीं पहुंची सौभाग्य योजना
सांसद आदर्श गांव में आज तक केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना नहीं पहुंच सकी है। गांव विद्युतीकृत हो चुका है, लेकिन गरीब ग्रामीणों को कनेक्शन नहीं मिले। साथ मनमाने तरीके से कई ग्रामीणों को बिजली के बिल बनाकर भेजे जा रहे हैं।
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शौचालय निर्माण में हुआ खेल
गांव में शौचालय निर्माण का हाल बेहद खराब है। गांव को मिले शौचालयों का अभी तक निर्माण पूरा नहीं हो सका। साथ छह महीने पहले बने शौचालय जर्जर हो गए हैं। खास बात यह है कि आदर्श गांव ही अब तक ओडीएफ नहीं हो सका है।
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सर्व शिक्षा अभियान की निकली हवा
आदर्श गांव करतला में तीन विद्यालय हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण हो रहा है, लेकिन शिक्षण व्यवस्था लचर है। स्कूल में लगा हैंडपंप खराब पड़ा है। वहीं पूरे स्कूल में गंदगी का आलम रहता है।
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पेयजल की गुणवत्ता खराब
गांव को पेयजल मुहैया कराने के लिए हैंडपंप एकमात्र सहारा हैं। ग्रामीण पाइपलाइन पेयजल परियोजना का कहीं नामोनिशान नहीं है। साथ ही नलों से गंदा और पीला पानी आता है।
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पेंशन को तरसते वृद्ध और विकलांग
आदर्श गांव करतला के वृद्ध और विकलांगों को पेंशन का इंतजार है। रामप्रकाश पाल को आज तक पेंशन नहीं मिल सकी है। जबकि वृद्धा मुन्नीदेवी पेंशन की आस में विभाग के चक्कर लगा-लगाकर थक चुकी हैं।
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उज्जवला दूर, चूल्हे पर पक रही रोटी
आदर्श गांव में अब तक ग्रामीणों के घरों में रसोई गैस नहीं पहुंच सकी है। सैकड़ो परिवारों में आज भी चूल्हे पर खाना पकता है। वृद्ध और महिलाएं उज्जवला योजना से पूरी तरह से अनजान हैं।
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जननी को नहीं पता सुरक्षा योजना
गांव में जननी सुरक्षा योजना को लेकर भी कोई जागरूकता नहीं है। गांव में बने मातृ शिशु कल्याण केंद्र पर ताला लटका रहता है। इसके चलते प्रसूताओं को इलाज के लिए एटा के निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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