शहर में हुई हिंसा के मामले में जेल में बंद सात आरोपियों के जमानत पत्रों पर बहस के बाद जिला जज ओपी त्रिपाठी ने जमानत मंजूर कर दी है। जिला जज ने बंध पत्र एवं प्रतिभू दाखिल करने के उपरांत रिहाई के निर्देश दिए हैं।
26 जनवरी को शहर में तिरंगा यात्रा के विवाद में हिंसा हुई। हिंसा के दौरान युवक अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन की हत्या हो गई थी। तहसील रोड और गप्पू चौराहे आदि इलाकों में पथराव, फायरिंग, तोड़फोड़ आदि की घटनाएं हुईं। अपराध संख्या 59 पर तत्कालीन कोतवाली निरीक्षक रिपुदमन सिंह ने स्वयं आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एसआईटी की विवेचना में प्रकाश में आए कई आरोपी जेल भेजे गए। इन आरोपियों में शिवम कश्यप पुत्र हरीश निवासी लवकुश नगर, चमन पुत्र निशार अहमद निवासी मोहल्ला नवाब, आरिफ पुत्र जावेद निवासी ठंडी सड़क, विशाल ठाकुर पुत्र रामौतार निवासी नदरई गेट, नासिर पुत्र मोहम्मद नजर निवासी पुरानी ईदगाह, भरत पुत्र बबलू निवासी लवकुश नगर, संजय पुत्र मोहर सिंह निवासी गंगेश्वर कालोनी जेल में बंद थे। इन आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई करते हुए जिला जज ओमप्रकाश त्रिपाठी ने जमानत मंजूर कर दी है। ये सभी आरोपी हिंसा के दौरान मौके से गिरफ्तार नहीं हुए थे और न ही ये प्राथमिकी में नामजद थे। अज्ञात आरोपियों के नाम पर विवेचना में इन्हें प्रकाश में लाया गया। जिला जज ने जमानत मंजूर करते हुए निर्देश दिए हैं कि सभी आरोपियों के 1-1 का व्यक्तिगत बंध पत्र न्यायालय में दाखिल करना होगा, इसके अलावा एक-एक लाख रुपये की दो प्रतिभू दाखिल करनी होंगी। इसके बाद आरोपियों की रिहाई होगी।