मैनपुरी। जिला अस्पताल में मलेरिया फेल्सीपेरम से पीड़ित महिला मरीज भर्ती होने से मलेरिया विभाग हैरानी में आ गया। मलेरिया इंस्पेक्टर शुक्रवार को अपनी टीम के साथ जिला अस्पताल पहुंचे मरीज की रिपोर्ट देख पता चला वो एटा का रहने वाला है।
एटा के अलीगंज क्षेत्र के गांव सरौतिया निवासी शांती देवी को पिछले डेढ़ महीने से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उन्हें पहले जिला अस्पताल एटा भर्ती कराया। यहां जांच के दौरान मलेरिया फेल्सीपेरम के लक्षण मिले, लेकिन उनका उचित उपचार नहीं हो सका। काफी दिनों से जब उनका बुखार सही नहीं हुआ और उनकी दिक्कत बढ़ती गई तो गुरुवार को परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल में पहुंचे। यहां उनका दो दिन से उपचार चल रहा था।
शुक्रवार को मलेरिया विभाग को जानकरी मिली कि तब शुक्रवार को मलेरिया इंस्पेक्टर विवेक राजपूत जिला अस्पताल पहुंचे। यहां परिजनों से उनकी बीमारी की जानकारी ली। इसके बाद जिला अस्पताल में एक और जांच कराने को कहा। विभागीय अधिकारियों ने उस समय राहत की सांस ली जब उन्हें यह पता चला कि मरीज जिला एटा का रहने वाला है। हालांकि विभाग ने उनकी पुन: जांच कराने का निर्णय लिया है।
पैथोलॉजी की रिपोर्ट से भ्रमित हो रहे डाक्टर
मैनपुरी। शांती देवी ने मैनपुरी कचहरी रोड स्थित श्री हंस पैथोलॉजी और मॉडर्न पैथोलॉजी से जांच कराई। श्रीहंस पैथोलॉजी की जांच में शांती देवी में 2.8 प्वाइंट मॉडर्न पैथोलॉजी की जांच में शांती देवी में 6.6 प्वाइंट हीमोग्लोबिन निकला। इस जांच के लेकर परिजन और डाक्टर भ्रमित हैं।
जिले में 2012 के बाद मलेरिया फाल्सीपेरम का मरीज नहीं मिला है। जिला अस्पताल में मरीज के होने की जानकारी मिली तो विभाग सक्रिय हो गया। जब यह पता चला कि मरीज एटा का रहने वाला है। फिलहाल भर्ती मरीज की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आनेे के बाद ही कुछ कहना संभव होगा। जिले में मच्छरों की रोकथाम के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।
- एसएन सिंह, मलेरिया अधिकारी