कोहरे के बीच गुजरते वाहन और राहगीर।
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज। ठंड का कहर लगातार जारी है। अब ठंड जानलेवा भी साबित हो रही है। ठंड के प्रकोप के चलते सोरों में एक कारोबारी की मौत हो गई। जबकि एक को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं कोहरे और ठंड के प्रकोप के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित है। कई ट्रेनें विलंब से चल रहीं हैं।
कोहरे के साथ गलन भरी ठंड का सितम जारी है। शनिवार को न्यूनतम पारा लुढ़क कर 2 डिग्री पर आ गया। जबकि अधिकतम पारा धूप खिलने के बाद 19 डिग्री पर पहुंच पाया। ठंड के कहर से तीर्थ नगरी सोरों के मोहल्ला बदरिया निवासी कारोबारी मुकेश माहेश्वरी (40) पुत्र कन्हैया लाल की सुबह 10 बजे स्नान करते समय अचानक मौत हो गई। परिवारीजनों ने बताया कि उन्हें अचानक तेज सीने में दर्द हुआ और ठंड लगी।
वहीं नगर के रेलवे रोड पर फर्रुखाबाद धर्मशाला में रानी खुर्द मेरठ से आए नेपाल सिंह (55) पुत्र खैराती लाल की सुबह के समय अचानक हालत बिगड़ गई। वह ठंड से काफी परेशान था। धर्मशाला के अन्य यात्रियों को नेपाल सिंह की हालत बिगड़ने की सूचना मिली तो वे उन्हें ठंड से राहत दिलाने की कोशिश करने लगे। हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनका इलाज चल रहा है। जिले में ठंड से यह दूसरी मौत की घटना हुई है।
4 दिन पूर्व अमांपुर के गांव महदवा गांव निवासी श्रमिक अमरपाल (50) पुत्र सूबेदार की भी सहावर क्षेत्र में ठंड से मौत हो गई थी।
लगातार तापमान में गिरावट और लगन बढ़ने के कारण बीमारों, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठंड के प्रकोप के चलते जन जीवन पूरी तरह से प्रभावित है। ठंड और कोहरे के प्रकोप के कारण रोडवेज की बसें भी समय से संचालित नहीं हो पा रहीं। वहीं लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों विलंब से चल रहीं हैं। कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता कम थी जिसके चलते वाहन धीमी गति से रेंगते नजर आए। किसान खेतों में पानी नहीं लगा पा रहे।
ठंड में बढ़ता हार्ट अटैक का खतरा
ठंड के मौसम में ज्यादा ठंड होने पर आर्टरीज सिकुड़ती हैं। जिससे हृदय में रक्त संचार कम होता है। जिससे हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। कभी कभी ऐसी स्थिति में हार्ट अटैक होने पर जान भी जा सकती है।
डा. आरके माहेश्वरी, आईएमए अध्यक्ष एवं वरिष्ठ फिजीशियन