मथुरा। गिट्टी कम मिली। तारकोल भी काम था। सड़कों में खामियां ही खामियां दिखीं। इंजीनियरों की टीम ने जिले की 20 सड़कों की जांच पूरी कर ली। शनिवार को प्रमुख अभियंता की टीम जांच करने के बाद लखनऊ वापस लौट गई।
लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड के इंजीनियरों ने राया सादाबाद, राया बलदेव, शेरगढ़ उझानी, बलदेव कंजौलीघाट, बरौली आकोस मार्ग, पैगांव शहजादपुर, रायपुर नौहझील मार्ग और प्रांतीय खंड कार्यालय के इंजीनियरों ने मथुरा से डीग वाया गोवर्धन मार्ग, छटीकरा राधाकुंड, गोवर्धन परिक्रमा, सांचौली गिडोह मार्ग, कोसीकलां शाहपुर मार्ग, राल बाटी तोष मार्ग, भरतपुर रोड से अडूकी मार्ग, सहार से शिवाल मार्ग, गोवर्धन परिक्रमा मार्ग, मथुरा सादाबाद मार्ग, बिजवाड़ी खायरा मार्ग का निर्माण तीन साल में 200 करोड़ से अधिक की राशि से कराया गया।
बड़े बजट की इन सड़कों में निर्धारित से कम व घटिया क्वालिटी की गिट्टी व कम तारकोल डाला गया।
सड़कों की जांच के लिए प्रमुख अभियंता वीके सिंह ने मुरादाबाद के चीफ इंजीनियर एसपी पांडेय, बुलंदशहर के एसई सत्यप्रकाश सिंघल, वर्ल्ड बैंक लखनऊ के एक्सईएन संदीप अग्रवाल और लैब के तकनीकी लोगों की टीम से 20 सड़कों की जांच कराई। जांच टीम ने एक-एक सड़क को छह-छह स्थानों पर खोदाई कर जांच की तो उसमें निर्धारित से कम व घटिया गिट्टी, तारकोल की कम मात्रा मिली। इसमें अफसरों की भी भारी लापरवाही मानी जा रही है। टीम प्रमुख एसपी पांडेय ने बताया कि इसकी रिपोर्ट प्रमुख अभियंता को सौंपी जाएगी।