आगरा। उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने नवनिर्वाचित महापौर नवीन जैन और पार्षदों को शहर के समग्र विकास के लिए प्रेरित किया। कहा कि सभी पार्षद दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर के विकास में सहभागी बने। शहर स्मार्ट सिटी कैसे बने, इसके लिए प्रयास करें। आगरा अतिक्रमण मुक्त हो, लेकिन इसकी आड़ में किसी को बेरोजगार न किया जाए।
फेरी नीति के माध्यम से ठेल-ढकेल वालों को नियमित करें। शहर में वेंडिंग और नो वेंडिंग जोन बनाए जाएं। ताकि शहर की सड़कें भी अतिक्रमण से मुक्त हो जाएं और तमाम लोगाें का रोजगार भी चलता रहे। यह मेयर और पार्षदों का कर्तव्य है।
आगरा कॉलेज मैदान पर मेयर और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम पीपीपी (प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप) के आधार पर कॉमर्शियल कांप्लेक्स, हॉस्पिटल और स्कूल बनाकर अपनी आय बढ़ाएं।
उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा लोगों अपेक्षा नगर निगम से होती हैं। ऐसे में सड़क, नाली, खड़ंजे के साथ ही सीवरेज, शुद्ध पेयजल, एलईडी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसे कार्य प्राथमिकता के आधार पर होने चाहिए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का नगर निगम को पूरा सहयोग है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाते हुए नगर निगम अपनी आय से विकास की गंगा बहाएं। नवनिर्वाचित मेयर की ओर इशारा करते हुए कहा कि सभी क्षेत्रों का समग्र विकास होना चाहिए।
मेयर को जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय किसी प्रत्याशी का राजनीतिक दल हो सकता है, लेकिन नगर निगम सदन में सभी का एक दल होना चाहिए। वह है विकास दल।
ये भेजी गई हैं प्राथमिकताएं
. स्वच्छता अभियान में उच्च स्थान प्राप्त करें।
. शहर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो।
. सीवर समस्या का समाधान हो।
. प्रदूषण पर लगाम लगाने के प्रयास हों।
. ओडीएफ बनाने की ओर आगे बढ़ें। जनवरी आखिर तक आगरा खुले में शौच मुक्त हो।
ये भी कहा
. पुरातत्व इमारतों के संरक्षण पर ध्यान देना होगा।
. शहर को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य करने होंगे।
. आगरा को मेडिकल और एजूकेशन हब बनाना होगा।
. आवारा पशुओं की समस्या का समाधान हो।
. कांजी हाउसों का उच्चीकरण हो।
. गृहकर और जलकर का सरलीकरण हो।
पहले साल का एजेंडा हो तैयार
डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक पहले साल में होने वाले कार्यों की सूची तैयार करें। क्षेत्रवार काम योजनाएं बनाई जाएं। साथ ही इन कार्यों की निगरानी की भी व्यवस्था हो।