एटा। स्वास्थ्य विभाग के दावों एवं सावधानियों के बाद भी जिले में दिव्यांगता पर अंकुश नहीं लग पा रहा। समेकित शिक्षा के 6 से 14 वर्ष के हाउस होल्ड सर्वे में गत वर्ष की तुलना में अधिक दिव्यांग चिन्हित किए गए हैं। इनमें सर्वाधिक मानसिक, वाणी दोष एवं हड्डी समस्याओं से पीड़ित हैं।
चिकित्सा विभाग के विकलांगता रोकने के अभियान जिले में गुल नहीं खिला पा रहे। अंकुश तो दूर जिले में दिव्यांग बढ़ रहे हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2017-18 के हाउस होल्ड सर्वे में 1046 दिव्यांग चिन्हित किए गए। जबकि गत वर्ष 2016-17 में इसी आयु वर्ग के दिव्यांगों की संख्या 936 थी। जिले में मूक बधिर, वाणी दोष, अस्थि बाधित एवं मानसिक विकलांगता के पीड़ितों की संख्या सर्वाधिक बढ़ रही है।
इतना ही नहीं सर्वाधिक दिव्यांग दस वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं। बताते चलें कि वर्ष 2016-17 में छह से चौदह वर्ष आयु वर्ग के 936 दिव्यांगों में 375 अस्थि बाधित, 142 मूक बधिर एवं 173 मानसिक विकलांग थे। जबकि 2017-18 के कुल 1046 दिव्यांगों में 151 मूक बधिर, 119 वाणी दोष, 350 अस्थि बाधित एवं 174 मानसिक विकलांग मिले हैं।