फिरोजाबाद। अक्षय नौंवमी के दिन रविवार को महिलाओं ने व्रत रखने के साथ आंवला का पूजन किया। महिलाओं ने आंवले के पेड़ की 108 परिक्रमा कर दान किया। इस व्रत से महिलाओं की मनोकामना पूरी होती है।
अक्षय नौवमी के दिन रविवार सुबह से महिलाओं ने व्रत रखने के साथ पूजा अर्चना के लिए थाली सजा ली। महिलाओं ने प्रमुख मंदिरों में या फिर जहां भी आंवला का पेड़ दिखाई दिया वहां पर पूजा अर्चना करते हुए आंवला के पेड़ की 108 बार परिक्रमा की।
महिलाओं ने घर बुला कर पुरोहितों को भोजन कराने के साथ ही खुद भोजन किया। श्री बांके बिहारी मंदिर के महंत मुन्नालाल शास्त्री ने कहा कि हमारे धर्म में आंवला, पाकड़ एवं पीपल, बरगद के पेड़ में देवी देवताओं का वास होता है। महिलाएं यह पूजन इच्छाओं की पूर्ति के लिए करती हैं।
आंवला वैज्ञानिक दृष्टि से शारीरिक रोग के लिए लाभदायक है। बीमारियों को दूर करने का काम करता है। महिलाओं ने श्री बांके बिहारी मंदिर, बाईपास रोड पर गोपाल आश्रम और कोटला रोड स्थित बगीची के साथ घरों पर पूजा अर्चना की। पंडित हरिओम शास्त्री ने कहा कि आंवला पूजन कर महिलाएं स्वास्थ्य की कामना करती हैं।