कासगंज। जिले में खुले में शौच से मुक्ती की राह आसान नजर नहीं आ रही। अभी भी 60 हजार परिवारों में शौचालय का निर्माण होना शेष है। जबकि ओडीएफ के लिए दो माह का समय ही शेष रह गया है। जिस गति से कार्य चल रहा है उससे निर्धारित समय में यह लक्ष्य हासिल होने की संभावना नजर नहीं आ रही।
जिले में 2,06,639 परिवार निवास करते हें। खुले में शौच जाने की परंपरा से लोग स्वयं वाहन निकलना नहीं चाहते। मात्र 32 हजार परिवार ही ऐसे हैं जिन्होंने स्वयं अपने स्तर से शौचालयों का निर्माण कराया। शेष परिवारों को शासन ने शौचालय बनवाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की। समय समय पर संचालित की गई योजनाओं के बाद वर्ष 2016-17 तक 92 हजार शौचालय जनपद में बन पाए।
शेष 82639 परिवारों में वित्तीय वर्ष में 31 दिसंबर तक शौचालय का निर्माण कराकर जनपद को खुले में शौच मुक्त कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया, लेकिन इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिस तरह से कार्य होना था वह नहीं हो पा रहा। वित्तीय वर्ष के सात माह में मात्र 22 हजार शौचालयों का ही निर्माण हो पाया है।
अभी 60,639 परिवारों में शौचालयों का निर्माण होना है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मात्र दो माह का समय ही शेष रह गया है। जब सात माह में 22 हजार शौचालयों का निर्माण हो सका तो स्वयं ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस लक्ष्य को किस तरह से समय से पूरा किया जा सकता है।
निर्माणाधीन शौचालयों का प्रयोग करने से कतराते हैं ग्रामीण
जनपद में जो शौचालय निर्मित हो चुके हैं उनका उपयोग करने से भी ग्रामीण कतराते है। ग्रामीणों को सुबह के समय आसानी से हाथ में लोटा लेकर खेतों की ओर शौच को जाते देखा जा सकता हैं।
जनपद को ओडीएफ कराने के लिए तेजी से कार्य चल रहा है। लगातार ग्रामीण क्षेत्रों को धन भेजकर शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य पर पूरी नजर रखी जा रही है, जिससे समय पर शौचालयों का निर्माण हो सके: विश्वनाथ सिंह डीपीआरओ