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संभल कर खरीदें मिठाई, मिलावटखोर हैं सक्रिय

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मिठाइयां - फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। दिवाली और भैयादूज पर्व के लिए बाजार में मिठाइयां बननी शुरू हो गई हैं। चंद रुपये की लालच में मिलावटखोर दूषित मावा और दूध का प्रयोग कर खाद्य पदार्थ बना रहे हैं। वे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
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वहीं, खाद्य विभाग और जिला प्रशासन इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। गली-मोहल्ले के दुकानदार मिठाई बनाकर अपने गोदामों में रख चुका है। उधर, विभाग कार्रवाई करने की बात कह रहा है।

दिवाली के त्योहार पर दूषित वस्तुओं की बिक्री तेजी से चल रही है। खुलेआम दूषित पदार्थों की बिक्री की जा रही है। सर्वाधिक बिक्री तो दूषित मावा की हो रही है। जनपद में प्रतिदिन दूषित मावा पहुंच रहा है और खाद्य विभाग और जिला प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है। इसके अतिरिक्त मिठाइयों का काम भी बड़ी तेजी के साथ चल रहा है।
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नगर के कई मुहल्लों में मिठाइयां तैयार कर डंप की जा रही हैं। जिनकी बिक्री दिवाली व भैयादूज के पर्व पर होगी। गली मोहल्लों में गंदगी वाले स्थानों पर बन रही मिठाइयों की जांच करने विभागीय अधिकारी भी नहीं पहुंच रहे हैं। जिससे लोगों के सामने बीमारियां परोसी जा रही हैं। नगर के मुहल्ला पंजाबी कालोनी, छपट्टी, पुरानी मैनपुरी, करहल रोड, आगरा रोड, देवी रोड, भांतव रोड, शिव नगर आदि में खुले में दूषित मिठाइयां बन रही हैं।

700 से अधिक दूधिया प्रतिदिन लाते हैं दूध

नगर में दूषित मावा के साथ ही दूषित दूध की बिक्री तेजी के साथ बढ़ी है। नगर में प्रतिदिन 10 क्विंटल से अधिक मावा की खपत हो रही है। इससे दूषित मिठाइयां तैयार की जा रही हैं।

होली पर लिए गए नमूनों की अभी तक नहीं आई रिपोर्ट

खाद्य विभाग की बात करें तो होली (मार्च)पर नगर में छापामार कार्रवाई की गई थी। अभी तक भी रिपोर्ट नहीं आ पाई। सूत्रों की मानें तो विभाग के साथ मिलकर यह सब खेल खेला जा रहा है। विभाग यह भी नहीं बता पा रहा है कि गत वर्ष कितने सैंपल भरे गए थे और कितनों की रिपोर्ट अभी तक आ चुकी है।
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