एटा। त्योहारों के नजदीक आने के साथ ही व्यापारियों के माथे पर बल पड़ने लगे हैं। बर्तनों में 10 फीसदी टैक्स का इजाफा होने से ग्राहक बाजार से दूर भाग रहे हैं।
जिले के व्यापारियों ने दीवाली को लेकर अभी से तैयारी शुरू कर दी है। इसके बावजूद जीएसटी लगने के बाद कीमतों में 10 फीसदी की बढ़ोतरी से बर्तन व्यापारियों को सता रही है। जीएसटी के चलते बाजार ठंडा पड़ा है। ऐसे में व्यापारियों का मानना है कि इस बार दीवाली पर कुछ खास बिक्री होने वाली नहीं है। पिछले बार दीवाली पर पांच करोड़ का व्यापार हुआ था, लेकिन इस बार व्यापार पूरी तरह से आधा रह गया है।
ये पड़ी है मार
- पीतल के बर्तनों पर कीमतों में पांच से आठ फीसदी का इजाफा हुआ है।
- स्टील के बर्तनों पर पांच फीसदी लगने वाला टैक्स भी बढ़ गया है।
- जीएसटी के चलते व्यापारियों को धनतेरस पर कारोबार गिरने की उम्मीद है।
जीएसटी लगने के बाद बर्तनों के दाम में इजाफा हुआ है। इससे व्यापार में गिरावट है।
मुकेश वार्ष्णेय
जीएसटी से पहले महज पांच फीसदी टैक्स लगता था लेकिन अब व्यापार का हाल बिगड़ रहा है।
सुरेंद्र वर्मा
दीवाली को लेकर तैयारी कर ली है लेकिन इस बार व्यापार की उम्मीद कम नजर आ रही है।
मनोज अग्रवाल
पीतल के बर्तनों पर भी जीएसटी की मार है। आए दिन व्यापार में गिरावट चिंता बढ़ा रही है।
प्रवीन जैन
कहते हैं आंकड़े
75 बर्तन व्यापारी हैं जिलेभर में
दो करोड़ का कारोबार होता है दीवाली पर
आठ फीसद लग रहा है अब बर्तनों पर जीएसटी
20 लाख का कारोबार होता है हर महीने