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मथुरा के मंदिरों में लग गए सिक्कों के ढेर

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जन्मस्थान - फोटो : केके अरोरा
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मथुरा। भगवान कृष्ण के मंदिरों में इन दिनों सिक्कों के ढेर लग गए हैं। इतने बोरे भर गए हैं कि रखने को भी जगह नहीं बच रही। बैंकों ने रेजगारी लेने से हाथ खड़े कर दिए हैं। अब सिक्कों को लेकर मंदिर प्रशासन तनाव में है। क्योंकि सिक्कों की संख्या रोज बढ़ रही है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर ही मौजूदा समय में 30 लाख के सिक्के पड़े हैं।
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मथुरा शहर मंदिरों का शहर है। यहां छोटे बड़े मिलाकर दो हजार से ज्यादा मंदिर हैं। हर रोज हजारों लोग दर्शन को पहुंचते हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर तो सुबह से ही भक्तों की भीड़ लग जाती है। मंदिरों में लोग चढ़ावा भी चढ़ाते हैं। सिक्के चढ़ाने वालों की संख्या भी बहुत है। जन्मस्थान पर इस समय 30 लाख के सिक्के हैं। केनरा बैंक और एक्सेस बैंक ने सिक्के लेने से इंकार कर दिया है। मंदिर प्रबंधन परेशान है। द्वारिकाधीश मंदिर में भी सात लाख के सिक्के हैं। इस मंदिर के सेंट्रल बैंक, यूको, सिंडीकेट और केनरा में खाते हैं लेकिन बैंकों ने रेजगारी लेने से हाथ खड़े कर दिए हैं। जबकि सिक्कों की संख्या हर रोज तेजी के साथ बढ़ रही है। वृंदावन के मंदिरों में भी सिक्कों के ढेर लगे हैं। गोकुल, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन और महावन के मंदिरों में भी सिक्कों से गुल्लक फुल हैं।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान ने की बैंकों की शिकायत
श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान के सदस्य गोपेश्वर नात चतुर्वेदी ने बताया कि एक्सेस बैंक और केनरा बैंक में खाते हैं। लेकिन अब दोनों ही बैंक सिक्के नहीं ले रहे। हमने दोनों बैंकों की शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी लेकिन वहां से भी कोई रास्ता नहीं निकला है। पहले सभी बैंक आसानी से सिक्कों को ले लिया करते थे लेकिन पिछले तीन महीने से दिक्कत हो रही है।
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बैंक वाले कह रहे हैं कि उनके पास जगह नहीं
द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी का कहना है कि उनके मंदिर में सात लाख के सिक्के हैं। जब बैंकों से सिक्के लेने को कहते हैं तो कहने लगते हैं कि उनके पास आरबीआई का आदेश आया है कि 10 हजार से ज्यादा के सिक्के न लें। कभी कह देते हैं कि सिक्कों के लिए उनके पास जगह नहीं है।
इस्कान मंदिर के मीडिया प्रभारी रवि लोचन ने बताया कि कई बार बैंक सिक्के लेने से इंकार कर देते हैं तो उस स्थिति में सिक्कों को चलाना बड़ा संकट बन जाता है।

वृंदावन में हर रोज आते 50 हजार सिक्के
वृंदावन के मंदिरों में ही हर रोज 50 हजार सिक्के आ रहे हैं। जब भी गुल्लकें खोली जाती है सिक्कों के ढेर लग जाते हैं। जो बैंक सिक्के ले भी रहे हैं वह भी काफी प्रयासों के बाद। अगर किसी के पास एक लाख के सिक्के हैं तो मुश्किल से दस हजार ले रहे हैं।

बैंकों के पास रखने को जगह नहीं: एलडीएम
एलडीएम प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि बैंकों के पास भी सिक्के रखने को जगह नहीं बची है। बाजार में भी सिक्के नहीं चल रहे हैं। पहले सिक्कों के लिए बाजार से बैंकों के पास डिमांड आती थी लेकिन अब कोई ले ही नहीं रहा है। हालांकि बैंकें फिर भी सिक्के ले रही हैं।
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