मथुरा। अब यूपी बोर्ड परीक्षा में स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाने में जुगाड़ नहीं चलेगा। परीक्षा केंद्र बनाने की प्रक्रिया ऑनलाइन होने से इनका निर्धारण बोर्ड द्वारा ही किया जाएगा। इस संबंध में रिपोर्ट शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को देनी होगी। बदली प्रक्रिया से शिक्षा माफिया के पसीने छूटे हैं। यूपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्र बनाने की प्रक्रिया बदल दी है। अब तक परीक्षा केंद्र जिलाधिकारी द्वारा बनाए जाते थे। जिलाधिकारी पर स्थानीय सांसद, विधायक और नेताओं का दबाव रहता था। इस दबाव के चलते ऐसे परीक्षा केंद्र भी बना दिए जाते थे, जहां पर खुल्लम-खुल्ला नकल चलती थी। इस बार यूपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्र बनाने की प्रक्रिया बदल दी है। परीक्षा केंद्र बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए गए हैं। इसमें स्कूल संचालक द्वारा विद्यालय संबंधी जानकारियां दी गई हैं। उनके द्वारा कमरों की संख्या, फर्नीचर, सीसीटीवी आदि के संबंध मेें बताया जा रहा है। बोर्ड द्वारा इसका सत्यापन दो दफा किया जा रहा है। पहला सत्यापन डीआईओएस कार्यालय के माध्यम से सभी जीआईसी प्रधानाचार्यों ने निरीक्षण कर किया तो दूसरा सत्यापन रिपोर्ट एसडीएम द्वारा दी जाएगी। दोनों रिपोर्ट को क्रास चेक करने के बाद यूपी बोर्ड द्वारा ऑनलाइन ही परीक्षा केंद्रों को हरी झंडी दी जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार दुबे ने बताया कि इस दफा परीक्षा केंद्र बोर्ड द्वारा ही तय किए जाएंगे। बता दें कि पिछली दफा बोर्ड परीक्षाओं में खुल्लम-खुल्ला नकल चली थी।
25 तक दर्ज होंगी परीक्षा केंद्र की आपत्ति
25 सितंबर तक ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की आपत्ति की अंतिम तिथि तय की गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुसार जिन विद्यालय संचालकों का ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में आपत्ति दर्ज करानी है वे अपना प्रत्यावेदन 25 सितंबर तक दे सकते हैं।