टाउनशिप (मथुरा)। रिफाइनरी के बीडीएफ प्लांट में तारकोल लेने जा रहे टैंकर की चपेट में आने से बुधवार को एक युवक की मौत हो गई। हादसे से आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल किया। मुआवजे की मांग को लेकर बीडीएफ प्लांट मार्ग को पांच घंटे तक जाम रखा। प्रदर्शनकारियों ने प्लांट के सिक्योरिटी कार्यालय में तोड़फोड़ भी की। क्षेत्रीय विधायक के भाई द्वारा समझाने पर लोग शांत हुए। पांच घंटे तक जाम लगने से सैकड़ों टैंकर खड़े रहे।
फरह के गांव सेरसा निवासी दिंगबन सिंह (20) पुत्र ब्रजेंद्र सिंह बीडीएफ (बिटुमिन ड्रम फिलिंग) प्लांट जाने वाले टैंकर चालक व परिचालकों को आसमानी रंग की वर्दी किराए पर देता था। सुबह 10 बजे हाथरस के गर्ग ट्रांसपोर्ट के टैंकर को सुरक्षा कर्मियों ने अंदर जाने से रोक दिया। चालक टैंकर पीछे करने लगा। टैंकर की चपेट में आने से दिंगबर की मौत हो गई।
हादसे के बाद चालक टैंकर छोड़कर भाग गया। सूचना पर गांव सेरसा, छड़गांव व आसपास के लोग पीड़ित परिवार के साथ प्लांट पर आ गए। शव रखकर बीडीएफ प्लांट के आगे जाम लगाकर मुआवजे की मांग करने लगे। बीडीएफ प्लांट इंचार्ज वाल्सल्य दीक्षित ने मुआवजा देने से मना कर दिया, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
आक्रोशित लोगों ने सुरक्षा कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी। वहीं जाम व तोड़फोड़ की सूचना पर सीओ रिफाइनरी नितिन सिंह, कई थानों की फोर्स लेकर पहुंचीं। करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन करने वाले लोग सीओ व क्षेत्रीय विधायक के भाई अनिल और पुत्र सुनील सिंह द्वारा मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर सड़क से हटे। इस मामले में दिगंबर के ताऊ पूरन ने अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।