गंगा नदी में लगातार गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव का क्रम जारी है। पिछले 24 घंटों में गंगा के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज हो गई है। हालांकि इस वृद्धि से जिले के तटवर्ती इलाके को किसी भी तरह का खतरा नहीं है। इस समय केवल बांधों को लगातार बड़े हुए पानी के कारण खतरा बना हुआ है।
दो दिन पूर्व मेहोल बांध में हुए कटाव को सिंचाई विभाग ने पूरी तरह से रोक लिया है। गौरतलब है कि गंगा के जलस्तर में मंगलवार को नरौरा बैराज से 8 हजार क्यूसेक पानी और अधिक डिस्चार्ज हुआ। सोमवार को 49 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था जो मंगलवार को बढ़कर 57524 क्यूसेक पर जा पहुंचा। नरौरा की ओर बिजनौर और हरिद्वार बैराज से पानी का दबाव बरकरार बना हुआ है। ऐसी स्थिति में अगले 24 घंटों में जलस्तर में और मामूली वृद्धि होने के आसार हैं। दो दिन पूर्व पटियाली के कादरंगज नजदीक मेहोल बांध में गंगा के पानी से करीब 2 मीटर का कटान हो गया जिस पर सिंचाई विभाग ने मरम्मत करके काबू पा लिया है। मंगलवार को कटान नहीं हुआ। सिंचाई विभाग की टीम बांध की लगातार निगरानी कर रही है। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार चढ़ाव के कारण कादरगंज की ओर गोरहा कटान भी धीमा हुआ है, लेकिन जलस्तर कम होने की स्थिति में कटान फिर से तेज हो सकता है। तटवर्ती अन्य इलाकों में भी कटान के खतरे को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। वहीं गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर कांवड़ियों व अन्य श्रद्धालुओं के लिए खतरा बना हुआ है। कछला और लहरा पर पीएसी की फ्लड यूनिट लगातार निगरानी कर रही हैं।
सिंचाई विभाग के सहायक बाढ़ प्रभारी एके सिंह ने बताया कि सोमवार के मुकाबले गंगा के जलस्तर में 25 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। आज बुधवार को मामूली वृद्धि की संभावना है। उन्होंने कहा कि जिले में साधारण बाढ़ के ही हालात हैं। कटान पर काबू पा लिया गया है।