मैनपुरी। चार सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार सातवें दिन भी जारी रही। स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। आक्रोशित संविदा कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया।
मंगलवार को सातवें दिन सीएमओ कार्यालय पर संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना था कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगें मान नहीं ली जातीं। कर्मचारियों का कहना था कि सरकार को चाहिए कि संविदा कर्मचारी पिछले 20 वर्षों से विभाग का सहयोग कर रहे हैं उन्हें स्थाई कर दिया जाए। संजय शर्मा ने कहा कि जिले के सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं। सरकार को कर्मचारियों की मांगें हर हाल ही में माननी होंगी। दूसरी तरफ स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जनपद भर में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। सबसे अधिक परेशानी प्रसव पीड़िताओं को हो रही है। आशा कार्यकर्ता भी हड़ताल में शामिल हैं।
इस अवसर पर संजीव वर्मा, उमेश यादव, संजय यादव, संदीप सिंह चौहान, डॉ. अनुराग, राजकुमारी, डॉ. धर्मेंद्र यादव, किरन शाक्य, हंसमुखी, शशी कुमारी, विवेक यादव, डॉ. शरद यादव, डॉ. शशि प्रभा चौहान, अंबरीश यादव, मंजू कुमारी, मोनिका यादव, प्रिया यादव, शिवानी, शिवम कुमार, अभय प्रताप सिंह, विकास गुप्ता, डॉ. रवींद्र सिंह यादव, लक्ष्मीकांत, डीसी धर्मेंद्र कुमार, डॉ. अंकिता सिंह आदि मौजूद रहे।
जिला अस्पताल में कई विंग चल रहीं बंद
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। जिला अस्पताल में आयुष विंग, एनसीडी क्लीनिक विंग, रोगी सहायता केंद्र, सीनियर सिटीजन एवं दिव्यांग दवा वितरण खिड़की आदि कार्य पूरी तरह से बंद चल रहे हैं। इससे यहां आने वाले मरीजों को इमरजेंसी में भेजा जा रहा है। वहीं दंत रोग विभाग में भी मात्र एक डॉक्टर के हवाले सारी व्यवस्थाएं पहुंच गई हैं।
दंतरोग विशेषज्ञ के पास दांत दिखाने आए थे, लेकिन उनके अकेले होने के कारण इतनी भीड़ थी कि दो बजे तक नंबर ही नहीं आ सका। पता चला है कि कुछ डॉक्टर हड़ताल पर हैं। इससे मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
सोनू
तंबाकू नियंत्रण बोर्ड में पिछले तीन दिन से पिताजी को तंबाकू छोड़ने की दवा दिलवाने के लिए चक्कर काट रहा हूं, लेकिन यहां के कर्मचारी हड़ताल में हैं। जिससे सही परामर्श नहीं मिल पा रहा है।
रामबाबू
नाक-कान गले के डॉक्टर की जानकारी चाहिए थी। रोगी सहायता केंद्र पर एक घंटे से खड़ा हूं लेकिन यहां कोई नहीं है। बताया गया है कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कोई सही बात बताने वाला तक नहीं है।
अंकित
कुत्ता काटे के इंजेक्शन के लिए डॉक्टर से पर्ची बनवानी थी। आयुष विंग में डॉक्टर पर्ची बनाते हैं। आयुष विंग बंद चल रही है जिससे पर्ची नहीं बन पा रही है। कोई कुछ बताने को भी तैयार नहीं है।
राजू