एटा। सौतेले बेटे की गला दबाकर हत्या करने के मामले में जिला जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रही महिला बंदी की संदिग्ध हालात में मंगलवार को मौत हो गई। सोमवार को ही महिला को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि सूचना के बाद भी शाम तक महिला का कोई भी संबंधी जिला जेल नहीं पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने महिला के शव का भूतेश्वर में अंतिम संस्कार कर दिया।
कासगंज के सहलई निवासी राधा (25) पुत्री अजुद्दी उर्फ अयोध्या प्रसाद हत्या के मामले में 24 अगस्त 2016 से जिला कारागार में निरुद्ध थी। सोमवार को हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। सोमवार देर रात करीब 11 बजे वह जिला कारागार में उसकी अचानक तबियत खराब हो गई। जांच के बाद जेल चिकित्सक ने महिला को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मंगलवार तड़के महिला की मौत हो गई। जेल अधीक्षक पीपीसिंह ने बताया कि चिकित्सक महिला को हृदय गति की परेशानी होना बता रहे थे। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि घटना की जानकारी परिजनों को दी गई थी। सूचना देने के बाद भी महिला का पिता, भाई, मां कोई भी परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर नहीं पहुंचा। हालांकि सूचना पर राधा के पति की दूसरी पत्नी और तहेरी बहन तुलसी पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच गई। हालांकि पुलिस से उसे राधा का शव ले जाने से इंकार कर दिया।
यह था मामला
एटा। जिला कारागार में निरुद्ध महिला राधा ने अपने जीजा संजय निवासी अवंतीबाई नगर के साथ शादी की थी। संजय की पहली शादी राधा की तहेरी बहन तुलसी से हुई थी। संजय और तुलसी के तीन बच्चे थे। 30 मई 2016 को संजय को अज्ञात लोगों ने कासगंज रोड पर गोली मार घायल कर दिया था। इसे लेकर तुलसी संजय का अलीगढ़ अस्पताल में इलाज करा रही थी और राधा अवंतीबाई नगर में तुलसी के बच्चों की देखरेख कर रही थी। 20 अगस्त 2016 को राधा ने शिवम (4) की गला दबाकर हत्या कर दी और शिवम के भाई नितिन को उसने जहर देकर मारने का प्रयास किया था। उसी हत्याकांड में मृतक के बाबा विजयपाल पुत्र नबावसिंह ने कोतवाली नगर में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस ने महिला राधा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
हाथ पर लिखा पति का नाम, नंबर
एटा। तहेरी बहन के बेटे की हत्या करने के बाद भी राधा को अपने जीजा और पति संजय से लगाव था। सजा के बाद उसने संजय का मोबाइल नंबर और नाम अपने हाथ पर लिख रखा था। साथ ही हाथ पर लिखा था कि खबर संजय को दे देना। हाथ पर नाम और नंबर लिखे जाने को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चा हो रही है।
वीडियोग्राफी पैनल में हुआ पोस्टमार्टम
एटा। जेल में राधा की मौत के बाद उसका पोस्टमार्टम दो चिकित्सक के पैनल ने वीडियोग्राफी में किया। हालांकि पोस्टमार्टम में महिला की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। चिकित्सकों ने महिला का बिसरा सुरक्षित कराया है।
दो बार जेल से विशेष संदेशवाहक भेजा गया था। इस पर मृतका की मां अन्य परिजनों ने लिखकर शव लेने से मना कर दिया। इसके बाद डीएम की अनुमति के बाद महिला का संस्था के माध्यम से अंतिम संस्कार कराया गया है।
-पीपीसिंह जेल अधीक्षक