पशुओं ने फसल को किया चौपट तो जान देने पेड़ पर चढ़ा किसान
गमछे से फांसी का फंदा बनाकर बांध लिया था गले में, पहुंचे परिवार वाले
खुले घूम रहे पशुओं ने गेहूं का पूरा खेत कर दिया था चौपट
किसी तरह समझा-बुझाकर किसान को पेड़ से उतारा
अमर उजाला ब्यूरो
बलदेव (मथुरा)। खुले घूम रहे पशुओं द्वारा चौपट की गई फसल को देख बेचैन हुआ किसान जान देने के लिए पेड़ पर चढ़ गया। गमछा से फांसी का फंदा बनाकर गले में बांध लिया और कूदने की कोशिश करने लगा। किसानों ने तत्काल उसकी पत्नी और बच्चों को मौके पर बुला लिया। पुलिस भी पहुंच गई। किसी तरह समझाकर किसान को पेड़ से उतारा गया। करीब एक घंटा तक अफरातफरी का माहौल रहा।
बलदेव क्षेत्र के गांव पटलोनी निवासी किसान निरंजन सिंह ने दस बीघा भूमि में गेहूं की फसल की है। शुक्रवार को गेहूं के खेत में पशु घुस गए और गेहूं को चौपट कर दिया। निरंजन सिंह शाम को खेत पर पहुंचा तो देखा कि गेहूं को पशु चर गए थे। निरंजन खेत को देखकर चिल्लाने लगा। बाद में खेत पर खड़े पेड़ पर चढ़ गया और आत्महत्या की कोशिश करने लगा। निरंजन ने गमछे का फांसी का फंदा बनाकर एक हिस्सा गले में बांध लिया था, जबकि दूसरा हिस्सा पेड़ से बांध लिया था। वह कूदने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान आसपास के किसान मौके पर पहुंच गए। निरंजन को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। बाद में निरंजन की पत्नी और बच्चों को बुलाया गया।
बलदेव पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सभी ने निरंजन को समझाया तब करीब एक घंटे के बाद वह पेड़ से उतरकर नीचे आया। लोगों का कहना है कि बलदेव में खुले घूम रहे पशु किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थिति यह है कि काश्तकार अपनी फसलों की रखवाली करने के लिए रातों को जागकर खेतों पर पहरेदारी कर रहे हैं। झुंड के रूप में घूमने वाले पशु जिस खेत में भी घुस जाते हैं वहीं फसल चौपट हो जाती है।