पिपराघाट पुल पर आने के लिए अंडरपास रास्ता
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कासगंज। नदरई से गोरहा तक बनाए जा रहे कैनाल बाईपास का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। 30 प्रतिशत अधूरे काम में किसान रोड़ा बने हैं। 30 किसान अभी भी अपनी अधिग्रहण भूमि का बैनामा नहीं कर रहे। इसके चलते बाईपास का काम पूरा नहीं हो पा रहा।
शहर को जाम के झाम से मुक्ति दिलाने के लिए कैनाल बाईपास का निर्माण कराया जा रहा है। 8 किलोमीटर के दायरे में बनाए जाने वाले कैनाल बाईपास के लिए 9 सौ किसानों की भूमि का अधिग्रहण हुआ था। इनमें से 853 किसान पहले ही अधिग्रहीत की गई भूमि का बैनामा करा चुके थे। जबकि 47 किसान भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे। पिछले दिनों समझा बुझाकर 17 किसानों से लोक निर्माण विभाग ने बैनामा करा लिया, लेकिन 30 किसान अभी भी बैनामा नहीं कर रहे हैं। लगभग 70 प्रतिशत तक कैनाल बाईपास का काम पूरा हो गया है। 10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे कैनाल बाईपास के काम में किसानों की जिद से कुछ समय का इंतजार करना पड़ सकता है।
संकेतांकों की जरूरत
कासगंज। बाईपास का निर्माण तो तेजी से हो रहा है, लेकिन इस मार्ग पर संकेतक नहीं लगाए गए हैं। रात के अंधेरे और कोहरे में संकेताकों की जरूरत दिखाई दे रही है क्योंकि कई गांव का रास्ता अंधेरे में दिखाई नहीं देता।
- बाईपास का काम काफी हद तक हो गया है। जो किसान बैनामा नहीं कर रहे थे उनमें से कई किसान बैनामा को राजी हो गए हैं। बाईपास का काम मार्च माह तक पूरा हो जाएगा। - सुधीर कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।