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लटकी फाइल, अटक गया विकास

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एटा। विकास कार्य ठप पड़े हैं और धनराशि फाइलों में दबी हुई है। ग्राम पंचायतों में लोग विकास के लिए तरस रहे हैं, लेकिन जिले के अफसरों को इसकी कोई चिंता नहीं है। विकास के लिए शासन से आए करोड़ों रुपये अब तक फाइलों से बाहर ही नहीं निकल सके हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत के जिम्मेदार परेशान हैं। राज्य वित्त आयोग के तहत शासन से मिली किस्तें अब तक ग्राम निधि खातों नहीं पहुंच सकी हैं। बताया जाता है कि फाइल अगस्त 2018 से डीएम कार्यालय में लंबित है।

दरअसल, शासन ने वित्तीय वर्ष के शुरुआत में राज्य वित्त आयोग के तहत जिले की 576 ग्राम पंचायतों के लिए 22 करोड़ रुपये जारी किए थे। ग्राम पंचायतों को चार किस्तों में विकास कार्यों के लिए धनराशि भेजी जानी थी। मगर अब तक जिले की ग्राम पंचायतों को एक भी किस्त नहीं मिल सकी है। आलम यह है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति में महज दो महीने बचे हैं, ऐसे में ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों की परेशानी बढ़ी हुई है।
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बताया जाता है कि अगस्त 2018 में ग्राम पंचायतों को किस्त का आवंटन करने का अनुमोदन कराने के लिए फाइल को डीएम के पास भेजा गया था, मगर पांच महीने बाद भी अनुमोदन नहीं हो सका है। ऐसे में गांव में विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव लोगों को खाते में धनराशि नहीं आने की बात कह रहे हैं, लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं हैं।

ग्राम प्रधानों का कहना है कि राज्य वित्त आयोग की धनराशि नहीं मिलने से सारे काम अटके पड़े हैं। विभाग के अधिकारी भी सुन नहीं रहे हैं। शासन से धन मिलने के बाद भी अब तक आवंटन नहीं हो सका है। जबकि अब तक तीन किस्त जारी कर दी जानी चाहिए थी।

चुनावी साल में अटक जाएंगे काम
प्रधानों का कहना है कि राज्य वित्त आयोग की किस्त अब तक नहीं मिली है। अगर ज्यादा देरी हुई, तो पूरे साल काम अटका रहेगा। दरअसल, 2019 में लोकसभा चुनाव भी होने हैं। आने वाले दो तीन महीने में आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में सारे विकास कार्य अटक जाएंगे।
फेल हो गई ई आफिस प्रणाली
विभागों को पेपर लेस करने के लिए प्रदेश सरकार ने ई आफिस प्रणाली लागू करने की योजना बनाई थी। मगर ठोस प्रबंधन नहीं होने से पूरी प्रणाली फेल हो गई। अगर ई आफिस सिस्टम लागू होता, तो शायद अनुमोदन में इतना वक्त नहीं लगता।
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कहते हैं आंकड़े
576 ग्राम पंचायतें हैं जिले में
22 करोड़ रुपये भेजे गए थे राज्य वित्त आयोग में
05 महीने से लंबित हैं फाइल
2018 अगस्त में भेजी गई थी फाइल

वर्जन
प्रिया शॉफ्ट की फीडिंग पूरी न होने की वजह से जिलाधिकारी ने किस्त जारी होने पर रोक लगा दी थी। हमने फीडिंग पूरी करा दी है। आज जिलाधिकारी से बात हुई थी। उन्होंने फाइल पर स्वीकृति देने की बात कही है। सभी पंचायतों में जल्द ही धनराशि मुहैया करा दी जाएगी।
डॉ. एसके श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी
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