एटा। शहर के काली मंदिर के बाहर सौ रहे वृद्ध साधु की ठंड लगने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान कराते हुए घटना की जानकारी परिजनों को दी। सूचना मिलने के बाद परिजन साधू का शव अपने साथ बिना पोस्टमार्टम के ले गए।
फिरोजाबाद थाना एका क्षेत्र के नगला जईया निवासी बनवारी (60) पुत्र धर्मपाल करीब बीस साल से साधु थे। जिसके चलते वह शहर के काली मंदिर और उसके आस पास रहते थे। रात को काली मंदिर के पास मौजूद थे। रात में ठंड लगने से ही उनकी मौत हो गई।
जिसकी जानकारी सुबह को लोगों को मंदिर जाते वक्त हुई। जिस पर राहगीरों ने घटना से कोतवाली नगर पुलिस को अवगत कराया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान कराते हुए घटना से परिजनों को अवगत कराया।
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सूचना पर पहुंची पुलिस को साधू का शव मंदिर के बाहर दुकान की पटिया पर मिला था। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने साधू का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था। इसलिए शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। पंकज मिश्रा, नगर कोतवाली प्रभारी
खाने की तो कोई परेशानी नहीं थी। मंदिर से दोनों समय साधू को भोजन कराया जा रहा था। मगर कई बार कहने पर भी साधु बाहर दुकान की पटिया पर ही सोता था। रात में ठंड लगने से साधु की मौत हो गई। सुबह उनका शरीर जकड़ा हुआ मिला था।
बंटी शर्मा, महंत - संतोषी माता मंदिर
साधु पिछले करीब एक सप्ताह से यहां रह रहा था। सुबह जब साधु का शव देखा गया तो साफ दिख रहा था कि उसकी मौत ठंड से हुई है।
प्रमोद कुमार, दुकानदार