मैनपुरी। आज से सावन मास की शुरुआत हो रही है। नगर के प्रसिद्ध मंदिर इस महीने में होने वाली पूजा अर्चना के लिए तैयार हो रहे हैं। भक्तों ने भी इस महीने विशेष पूजा पाठ की तैयारियां कर ली हैं। शिव भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। भगवान शिव के प्रिय महीने सावन की शुरुआत इस वर्ष शनिवार से हो रही है। इसलिए इसे बेहद खास माना जा रहा है। यह दुर्लभ सहयोग कई सालों के बाद देखने को मिल रहा है। आचार्यों के अनुसार शिव बहुत दयालु और दानी हैं। श्रद्धा और समर्पण भाव से भगवान शिव की पूजा करें।
शनि भगवान शिव की आज्ञा का पालन करते हैं। सावन मास में पूजा पाठ को लेकर नगर के प्रसिद्ध मंदिरों में तैयारियां तेजी के साथ शुरू कर दी गई हैं। नगर के प्रसिद्ध श्री भीमसेन महाराज मंदिर में शुक्रवार को तैयारियों को दौर चलता रहा। यहां सावन मास के पहले दिन ही बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त नगर के प्रसिद्ध चांदेश्वर मंदिर और औडेंय पड़रिया स्थित भैरव मंदिर जहां शनि देव की मूर्ति विराजमान है यहां भी तैयारियां तेजी के साथ चल रही हैं। खास बात यह है कि इस वर्ष सावन का महीना 28 जुलाई से शुरू हो रहा है और पूरे 30 दिन तक रहेगा। यह महीना 26 अगस्त को रक्षाबंधन के साथ समाप्त होगा।
सावन का महीना हिंदी कैलेंडर में पांचवें स्थान पर आता है। इस ऋतु में वर्षा का प्रारंभ होता है। शिव जिन्हें इस महीने का देवता कहा जाता है की भिन्न-भिन्न प्रकार से पूजा होती है। पूरे माह धार्मिक उत्सव होते हैं। विशेष कर सावन के सोमवार को पूजा अर्चना के लिए शिव मंदिरों में भीड़ रहती है। कहा जाता है कि सावन भगवान शिव का अति प्रिय महीना होता है। इसके पीछे मान्यता है कि दक्ष पुत्री सती ने अपने जीवन को त्याग कर कई वर्षों तक श्रापित जीवन जिया। उसके बाद उन्होंने हिमालय राज के घर पार्वती के रूप में जन्म लिया। पार्वती ने सावन के महीने में शिव को पाने के लिए कठोर तप किया। इसके बाद उन्हें शिव की प्राप्ति हुई। पार्वती की इस महीने में प्राप्ति के कारण शिव को यह महीना अत्यंत प्रिय है।