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रोज एक लाख रुपये खर्च, सफाई एक रुपये की नहीं

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money - फोटो : demo pic
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एटा। हर महीने एक लाख का खर्च, लंबी-चौड़ी सफाई कर्मचारियों की फौज और गंदगी का अंबार। शहर में किसी भी सड़क पर निकल जाइए, कूड़े के ढेर और जलभराव से सामना होना ही है। पालिका ने सफाई को लेकर अब तक कवायद शुरू नहीं की। नालों की सफाई का काम शुरू किया है, लेकिन रफ्तार इतनी सुस्त है कि बरसात तक काम होता नजर नहीं आता। उधर, 75 नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया अधर में लटक रही है।
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स्वच्छ भारत अभियान फेल साबित हो रहा है। मोहल्लों से कूड़े का उठान नहीं होने से बीमारियां बढ़ रही हैं। जबकि पालिका सफाई को लेकर संजीदा नहीं है। बताया जाता है कि नगर पालिका परिषद हर माह शहर को स्वच्छ बनाने के लिए 30-35 लाख रुपये खर्च करती है। इसके लिए नगर पालिका में 271 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें 73 सफाई कर्मचारी संविदा पर तैनात हैं। जबकि 98 सफाई कर्मचारी सेवा प्रदाता के तौर पर हैं और 100 कर्मचारी नियमित हैं।

प्रति वार्ड 12 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। शहर में गांधी मार्केट, बस स्टैंड, रेलवे रोड, आगरा रोड, अलीगंज रोड, शिकोहाबाद रोड, ठंडी सड़क समेत तमाम स्थानों पर गंदगी और कूड़े का अंबार लगा है। ऐसे में समस्या बढ़ती जा रही है।
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पिछले दिनों पालिका में सफाई कर्मचारियों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन और हड़ताल की थी। करीब तीन दिन तक चली हड़ताल से शहर में त्राहि-त्राहि मच गई थी। आनन फानन में एडीएम प्रशासन के सामने सफाईकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल, पालिका ईओ और एएसडीएम और चेयरमैन की मौजूदगी में नए 75 सफाईकर्मचारियों की भर्ती की सहमति बनी। एएसडीएम और प्रभारी ईओ राम दत्त राम ने 75 सफाई कर्मचारियों की भर्ती को लेकर प्रस्ताव तैयार किया और चेयरमैन के पास भेजा। चेयरमैन के शहर में नहीं होने से फाइल अटकी है।

सुस्त रफ्तार से चल रही नालों की सफाई
पालिका की ओर से बरसात को देखते हुए नालों की सिल्ट सफाई का काम शुरू कराया गया है, लेकिन रफ्तार बेहद धीमी है। अब तक काम महज 10 फीसदी पूरा हो सका है।

शहर में गंदगी बढ़ती जा रही है। पालिका शहर को स्वच्छ बनाने में फेल है। ऐसे में शहर में दिक्कत बढ़ रही है।
- अनिल कुमार सागर, बसपा जिलाध्यक्ष

शहर को स्वच्छ बनाने के लिए पालिका की ओर से कवायद नहीं की जा रही है। इसके चलते गंदगी बढ़ती चली जा रही है।
दिनेश वशिष्ठ, भाजपा जिलाध्यक्ष

पालिका में आए दिन गुटबाजी के मामले सामने आते हैं, लेकिन विकास कोसों दूर है। शहर में बढ़ती गंदगी से सारे वादे झूठे साबित हो रहे हैं।
- चोब सिंह धनगर, जिलाध्यक्ष कांग्रेस

नगर पालिका की ओर से सफाई कर्मचारियों की भर्ती को लेकर कवायद ठप पड़ी है। ऐसे में शहर में सफाई एक बड़ी समस्या बन रही है।
- अशरफ हुसैन, जिलाध्यक्ष सपा

पालिका सफाई को लेकर काम कर रही है। नालों का सफाई कार्य शुरू कर दिया गया है। भर्ती को लेकर फाइल चल रही है।
- रामदत्त राम, एएसडीएम और प्रभारी ईओ

सफाई कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं है। सिल्ट सफाई का काम चल रहा है। भर्ती की फाइल हस्ताक्षर करके भेज दी है। जल्द ही नए कर्मचारियों के आने के बाद सफाई कार्य में तेजी आएगी।
- मीरा गांधी, चेयरमैन

ये हैं आंकड़े
100 नियमित सफाई कर्मचारी है पालिका में
73 सफाई कर्मचारी संविदा पर तैनात
98 सफाई कर्मचारी सेवा प्रदाता के तौर पर लगे
75 सफाई कर्मचारियों की होनी है भर्ती

सफाई के पैसे का हो रहा घोटाला
एटा। जिला समाजवादी पार्टी चिकित्सा प्रकोष्ठ की बैठक में अध्यक्ष डॉ. देवकांत यादव, मुख्य अतिथि अशरफ हुसैन, सपा महासचिव राजू यादव रहे ने कहा स्वच्छता अभियान में करोड़ों रुपये का घोटाला हो रहा है सफाई कहीं नजर नहीं आ रही है। शौचालयों के नाम पर ठगी की जा रही है। इस दौरान दीपक यादव, दीपक पंडित, डॉ. हरवीर सिंह, जाकिर अली, गगन देव मौजूद रहे।
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