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ग्राम पंचायतों ने किया 18 करोड़ का गोलमाल

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औरैया में कैश के साथ पकड़ा गया कोचिंग संचालक - फोटो : SELF
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एटा।
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जिले में ग्राम पंचायतों ने 18 करोड़ रुपये का गोलमाल कर दिया है। शासन से विकास को आए 18 करोड़ कहां गए, किसी को जानकारी नहीं है। साथ ही जिम्मेदार भी इतने बड़े धन का हिसाब किताब देने से कतरा रहे हैं। सीडीओ ने इसे लेकर ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
दरअसल, शासन द्वारा हर साल ग्राम पंचायतों को विकास कार्य कराने के लिए औसतन आठ लाख रुपये दिए जाते हैं। इसको खर्च करने के बाद ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव को आडिट कराना होता है। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद शासन ने हर ग्राम पंचायत का आडिट कराने के निर्देश दिए थे, मगर जिले में 224 ग्राम पंचायतों ने अब तक आडिट नहीं कराया है। आंकड़ों पर गौर करें तो प्रति ग्राम पंचायत के लिए आठ लाख रुपये के हिसाब से धनराशि 18 करोड़ से ज्यादा होती है। आलम यह है कि इन ग्राम पंचायतों में भेजे गए धन को खर्च करने के अभिलेख भी प्रधान और सचिव के पास नहीं हैं। ऐसे में राजस्व को घाटा होने के साथ-साथ बड़े गोलमाल की आशंका जाहिर की जा रही है। प्रशासन ने मामले में संज्ञान लिया, तो इतनी बड़ी संख्या में धन का गोलमाल देख अधिकारी भी हैरत में पड़ गए। सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने आडिट नहीं कराने वाली ग्राम पंचायतों के प्रधान और सचिव को नोटिस जारी किए हैं। इसमें उन्होंने ग्राम पंचायत का आडिट कराने की अंतिम चेतावनी जारी की है। वहीं शासन की ओर से भी आडिट नहीं कराने वाली ग्राम पंचायतों की सूची तलब की गई है। ताकि निष्क्रिय और हिसाब देने में कमजोर ग्राम पंचायतों का अनुदान रोका जा सके।
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ये है ब्लॉक वार आडिट नहीं कराने वाली ग्राम पंचायतें
ब्लॉक ग्राम पंचायतों की संख्या
अलीगंज 77
अवागढ़ 06
जैथरा 48
जलेसर 15
मारहरा 03
निधौलीकलां 20
सकीट 03
शीतलपुर 31
कुल 224
अलीगंज का हाल सबसे खराब
जिले में अलीगंज ब्लॉक का हाल सबसे ज्यादा खराब है। यहां महज 16 ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों और खर्च का आडिट कराया है। जबकि शीतलपुर ब्लॉक में 52 ग्राम पंचायतें आडिट से बच रही हैं।
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इनका कहना है
डीएम के निर्देश पर ग्राम प्रधान और सचिवों को आडिट कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। अब भी आडिट नहीं कराने वाली ग्राम पंचायतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ
कहते हैं आंकड़े
576 ग्राम पंचायतें हैं जिले में
352 ग्राम पंचायतें करा चुकी आडिट
224 ग्राम पंचायतें आडिट से बच रहीं
18 करोड़ से अधिक का हिसाब नहीं
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