एटा। जिले के नौ हजार से अधिक नलकूपों के लिए अलग नए फीडर बनाए जा रहे हैं। नई लाइन व ट्रांसफार्मर से इनकी आपूर्ति की जाएगी। भारत सरकार की पंडित दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के बिजलीघर विकास योजना के पहले चरण में 31 करोड़ की लागत से 20 फीडर को अलग किया जा रहा है। सात फीडर का काम अंतिम दौर में है।
सिंचाई व्यवस्थाओं को चाक चौबंद एवं अनवरत करने के लिए शासन ने नई नीति एवं निर्देश जारी कर दिए हैं। नलकूपों को जहां दस घंटे की अनिवार्य आपूर्ति दी जाएगी, वहीं घरेलू उपभोग के लिए 18 घंटे बिजली मिलेगी। व्यवस्थाएं सुचारु करने के लिए विद्युत वितरण निगम ने घरेलू बिजली एवं नलकूप आपूर्ति को अलग बिजली फीडर्स से करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 31 करोड़ रुपये से जिले के बीस फीडर्स को अलग करने का लक्ष्य है। इनमें से चार का काम पूरा हो गया है तीन का अंतिम दौर में है।
बिजलीघर अलग फीडर की संख्या
अलीगंज 04
इसौली 02
अवागढ़ 01
पिलुआ 02
गंगनपुर 02
मलावन 01
आईटीआई जलेसर 02
रिजोर 03
बागवाला 02
40 करोड़ का बकाया
जिले में संचालित नलकूपों पर चालीस करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व बकाया है। विद्युत अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था के बाद जहां नलकूपों को निर्धारित निर्बाध आपूर्ति मिल सकेगी। वहीं घरेलू लाइन से पॉवर की चोरी भी रुकेगी। इतना ही नहीं लाइन व ट्रांसफार्मर को ओवरलोडिंग से निजात मिलेगी।
पहले चरण में चिह्नित 20 फीडरों से अलग अलग करने का काम जारी है। सात फीडर को अलग किया जा चुका है। अक्टूबर माह तक यह काम पूरा हो जाएगा। नए आदेशानुसार नलकूपों को दस घंटे एवं घरेलू बिजली 18 घंटे दी जाएगी।
एके जैन, अधीक्षण अभियंता