शुक्रवार की देर रात आई आंधी और बारिश ने किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं की कटी फसल के लाक बारिश से भीग गए, जबकि तेज आंधी के कारण खड़ी फसल खेतों में गिर गई। आम के पेड़ों पर लगा बौर और फल टूटकर गिर गए। तेज आंधी से छप्पर और टीन शेड भी उड़ गए। अचानक बिगड़े मौसम को देखकर किसान बेहद परेशान हैं।
शुक्रवार की रात्रि करीब साढ़े 7 बजे तेज आंधी शुरू हुई। करीब 15 मिनट तक आंधी ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। रात्रि करीब 11 बजे फिर से तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। देर रात्रि हुई आंधी और बारिश से किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। कासगंज और सहावर तहसील के इलाकों में तेज आंधी के कारण तमाम खेतों में गेहूं की पकी खड़ी फसल गिर गई और तमाम खेतों में कटे गेहूं की लाक जिनकी थ्रेसिंग की जानी थी वह लाक बारिश में भीग गया। कुछ खेतों में पड़ा भूसा भी आंधी में उड़ गया।
आंधी के कारण शहरी और ग्रामीण इलाकों में कई जगह टीन, छप्पर उड़ गए। अहरौली में सरनदेव के मकान की टीन उड़ गई। वहीं जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर लगा गेट टूट गया। कई जगह सड़कों किनारे लगे होर्डिंग भी आंधी में टूटकर गिर गए। आंधी थमने के बाद फिर से लोग अपने टीन, छप्पर, तिरपाल आदि को समेटते नजर आए। जिले में करीब 1.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है। कटाई का काम भी शुरू किया जा चुका है।
- आंधी और बारिश के कहर से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। खेतों में कटे पड़े गेहूं के लाक उड़ गए और भीग गए। लाक भीग जाने के कारण अभी 4-5 दिन गेहूं की थ्रेसिंग नहीं हो सकती। रोशन लाल, किसान, ढोलना
- आंधी से आम की फसल को काफी नुकसान हुआ है। पहली आंधी में ही 30 फीसदी पेड़ों का बौर और छोटे फल टूट कर गिर गए। लगातार फसल पर मौसम का कहर बन रहा है। अब और आंधी आई तो आम की फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है- बाबूराम, किसान, इटौआ