फिरोजाबाद/एका। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरांव पर तैनात चिकित्सक से तीन माह का रुका वेतन निकालने के नाम पर 27 हजार रुपसे रिश्वत मांगने वाले स्वास्थ्य केंद्र के बाबू को एंटी करप्शन आगरा की टीम ने दस हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। टीम ने बाबू को थाने लाकर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरांव में तैनात चिकित्सक रविमोहन का पिछले तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं हो रहा था। वेतन भुगतान के लिए वे अरांव एवं एका का काम संभाल रहे लिपिक अनिल कुमार से संपर्क साध रहे थे। उसने तीन माह का वेतन निकालने के नाम पर 27 हजार पांच सौ रुपये मांगे। चिकित्सक ने रिश्वत देने से पहले इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो आगरा में दर्ज करा दी। शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो टीम सक्रिय हो गई। प्रभारी राजीव यादव ने एसओ नरेशचंद्र शर्मा एवं आरपी सिंह अपनी टीम के साथ एका पीएचसी के बाहर डेरा डाल लिया।
टीम ने रिश्वत की दस हजार की नकदी चिकित्सक को थमाई और लिपिक को देने की बात कही। चिकित्सक ने लिपिक से संपर्क कर रुपये लेकर पीएचसी एका पहुंचा। जैसे ही लिपिक ने रुपये लिए टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया। लिपिक के हाथ धुलवाए तो उसके हाथ लाल रंग के हो गए। टीम ने लिपिक को हिरासत में लेकर थाना एका पर पहुंची। टीम के प्रभारी राजीव यादव ने बताया कि आरोपी लिपिक के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने के साथ कार्रवाई की जा रही है।
भ्रष्टाचार के मामले में जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पहले भी अधिकारियों को रिश्वत लेते पकड़ चुकी है। तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को टीम ने जिला मुख्यालय से सपा शासन में रिश्वत लेते पकड़ा था। नारखी क्षेत्र में तैनात रहे तत्कालीन एबीएसए को शिक्षक का वेतन निकालने के नाम पर रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया था।
सीएमओ एसके दीक्षित ने कहा अरांव के चिकित्सा प्रभारी का पत्र आया था कि चिकित्सक रविमोहन ने मानव संपदा पोर्टल पर डाटा फीड नहीं कराया है। इस कारण चिकित्सक का वेतन रोका गया था।