मैनपुरी। एक तरफ तो सरकार गायों की रक्षा के लिए प्रयास कर रही है। लेकिन इसके बाद भी जिले की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। लोगों ने गौशाला तो बनवाई और उनके नाम पर सरकारी मदद भी ले ली लेकिन गोशाला में एक भी गाय नहीं है।
जिले में विभाग की ओर से दो गौशाला पंजीकृत हैं। लेकिन मौके पर न तो गोशाला दिखाई देती है और न गाय। गोशाला के नाम पर सरकारी मदद तो ले ली। लेकिन उसके बाद उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। एक गोशाला मालिक ने तो हद ही पार कर दी। गोशाला की जमीन पर धड़ल्ले से खेती हो रही है। पशु चिकित्साधिकारी ने मौके पर जाकर देखा तो गौशाला का नाम तक नहीं मिला। डीएम प्रदीप कुमार ने बैठक में इस मुद्दे पर नाराजगी जताई।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी योगेश कुमार सारस्वत ने संबंधित एसडीएम से जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए पत्र भेजा है। उनका कहना है कि जिले में गोशाला के नाम पर खेती हो रही है। कई बार मौके पर जाकर जांच की। लेकिन हर बार जमीन पर खेती होती मिली। इनके खिलाफ चेतावनी पत्र जारी किया है।