आगरा। डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय की ये वेबसाइट जल्द ही दो लाख के करीब पुस्तकों का पता भी होगी। एक क्लिक कीजिए और पढ़िए एक से एक बेहतर साहित्य, विज्ञान और अपने पसंद के विषय को। विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय ई-लाइब्रेरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। दस हजार के करीब पुस्तकें ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। साइबर लाइब्रेरी में ऑडियो-वीडियो व्याख्यान भी सुन और देख सकेंगे।
शासन की प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में पुस्तकालयों को डिजिटल करने की योजना के तहत ये किया जा रहा है। आगरा में यह कार्य शुरू हो गया है। विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में लगभग दो लाख पुस्तक-पत्रिकाओं का भंडारण है। तकनीकी टीम इनको ऑनलाइन करने में जुटी हुई है। शनिवार को कुलपति डा. अरविंद दीक्षित ने साइबर पुस्तकालय का उद्घाटन किया।
पाठक विश्वविद्यालय की वेबसाइट डीबीआरएयूडॉटओआरजीडॉटइन के होम पेज में साइबर लाइब्रेरी लिंक पर क्लिक कर अपनी पसंद की पुस्तकें पढ़ सकेंगे। पीआरओ डा. गिरजाशंकर शर्मा ने बताया कि शैक्षणिक पुस्तकों का ऑनलाइन करने का कार्य तेजी से हो रहा है।
सभी पुस्तकें पीडीएफ फॉरमेट में उपलब्ध कराया जा रहा है। अभी तक 10 हजार पुस्तक-पत्रिकाएं ऑनलाइन हैं। एक-दो महीने में सभी पुस्तकें ऑनलाइन हो जाएंगी।
-डा. कृष्ण कुमार केशरवानी, पुस्तकालय प्रभारी
संविधान की मूल कॉपी भी है उपलब्ध
विश्वविद्यालय की पुस्तकालय में पुस्तकों का भंडार है। यहां भारतीय संविधान की मूल कॉपी है। इसके अलावा यहां संस्कृत, गुजराती, तमिल भाषा में दुर्लभ पांडुलिपियां भी हैं। नामीगिरामी साहित्यकारों के उपन्यास, साहित्य भी पुस्तकालय में हैं। इसके अलावा प्राचीन पत्रिकाएं, एतिहासिक महत्व के समाचारपत्र, थीसिस, नोट्स, शोधपत्र आदि हैं।