आगरा। बीएड की फर्जी मार्कशीट के जरिए नौकरी पाने वाले शिक्षकों की सूची बनाने में खेल चल रहा है। यह आशंका शिक्षक संघ ने जाहिर की है। इसका कारण यह है कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 900 से अधिक शिक्षकों से संपर्क किया जा चुका है जबकि फर्जी शिक्षकों की संख्या 241 बताई गई है।
यह सूची भी दो बार में बनी है। पहले 235 बताए गए। फिर छह बढ़ा दिए। शासन ने सिर्फ 2005 की बीएड मार्कशीट वालों पर कार्रवाई के लिए कहा, जबकि स्थानीय अफसरों ने अपनी मर्जी से 2016 तक की जांच की बात कही लेकिन जब सूची बनी तो 2005 की मार्कशीट के आधार पर ही तैयार की गई।
इससे तो यही लग रहा है कि कार्रवाई का खौफ दिखाकर कुछ लोगों ने अपना उल्लू सीधा किया है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री बृजेश दीक्षित का कहना है कि 241 शिक्षकों के नाम जरूर भेजे गए हैं, पर डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय और 2005 के अलावा अन्य सत्र की बीएड की डिग्री लगाने वाले शिक्षकों को भी परेशान किया जा रहा है। विभाग को सूची सार्वजनिक करनी चाहिए। इससे फर्जी शिक्षक सामने आ जाएंगे। यही नहीं जो शिक्षक अभी भी तथ्य छिपाकर कार्रवाई से बचे हुए हैं, वे भी पकड़ में आ जाएंगे।
इस पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) गिरजेश चौधरी का कहना है कि शासन स्तर से ही सूची को गोपनीय रखा गया है। फर्जी प्रमाणपत्रों से मिलान के बाद 241 शिक्षकों के नाम भी बेसिक शिक्षा परिषद सचिव को भेज दिए गए हैं। अब यदि किसी शिक्षक का नाम न भेजे जाने की शिकायत आती है तो उसकी जांच की जाएगी।
अभी भी बचने की फिराक में शिक्षक
सूत्रों की मानें तो सभी शिक्षकों के नाम अभी तक नहीं भेजे गए हैं। कुछ शिक्षकाें ने रिकार्ड में संशोधन कराने का प्रयास किया है। एसआईटी की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची में 945 नंबर पर जो नाम था, उसको संशोधित कर दिया गया है। शिक्षक बिचपुरी ब्लाक में तैनात हैं। पहले कहा गया था कि जांच 12 नवंबर तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद 16 नवंबर को सूची में सात नाम बढ़ाए गए।
अब सीबीआई की जांच का सामना करेंगे शिक्षक
जिले के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात उन शिक्षकाें की तलाश की जा रही है, जिन्होंने बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन मध्य भारत ग्वालियर का कक्षा 10 और 12 का प्रमाणपत्र लगाया है। सीबीआई ने उनका ब्योरा मांगा है। इस संबंध में जांच कराई जा रही है।
बेसिक शिक्षा परिषद, इलाहाबाद के सचिव संजय सिन्हा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियाें को दोबारा पत्र जारी किया है। अभी तक बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन मध्य भारत ग्वालियर का प्रमाणपत्र लगाने वाले शिक्षकाें की जांच रिपोर्ट न भेजे जाने पर नाराजगी जताई है। पहली बार तीन अक्तूबर को पत्र जारी किया गया था।
सचिव ने निर्देश दिया है कि यदि संबंधित संस्था की किसी शिक्षक ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अंकतालिका लगाई है तो उसका नाम, पिता का नाम, नियुक्ति का नाम, शैक्षणिक अभिलेखों का विवरण इसी माह भेजना है। बीएसए ने वर्ष 2005 से 2016 तक के सभी शिक्षकों की सेवा पुस्तिका मंगाई है।
मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) गिरजेश चौधरी का कहना है कि सचिव का निर्देश प्राप्त हुआ है। शिक्षकों की तलाश की जा रही है। एक-दो दिन में जांच रिपोर्ट सचिव को उपलब्ध करा दी जाएगी।