चौमुंहा (मथुरा) रबी की मुख्य फसल गेहूं की बुवाई का अंतिम समय चल रहा है। अभी तक क्षेत्र की माइनरों ने टेल तक तो क्या हेड पर पानी के दर्शन नहीं किए हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते ये माइनर आज भी सूखे पड़े हैं, आखिर किसान कैसे अपने सूखे खेतों की पलेवा कर पाएंगे। जिन किसानों के पास कोई साधन नहीं है वे माइनर में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं।
शेरगढ़ रजबहा से जुड़ी चौमुंहा-भरतिया माइनर, जैंत माइनर, छटीकरा माइनर तथा कोटा माइनर सूखी पड़ी हैं। इनमें टेल के किसानों के साथ इस बार हैड के किसान भी पानी को तरस रहे हैं। इसका प्रमुख कारण शेरगढ़ रजबहा में कम मात्रा में पानी चलना है। रजबहा में पानी कम आने से माइनरें सूखी पड़ी हैं।
सपा मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिला सचिव देशराज सिंह सिसौदिया, किसान सभा के जिला मंत्री द्वारिकाधीश यादव, तेजपाल सिंह, क्षत्रिय राजपूत महासभा के महामंत्री अटल सिंह सिसौदिया आदि का कहना है कि पानी न आने का प्रमुख कारण शेरगढ़ रजबहा में लाड़पुर, पैगांव व अन्य कई स्थानों पर झाल (डाटों को) अवैध रूप से कंकरीट और सीमेंट से ऊंचा चिन दिया गया है, इससे रजबहा में हेड की ओर पानी उफनता रहता है, जबकि टेल की ओर ढालों के ऊपर से जो थोड़ा बहुत पानी आता है, वह चलता रहता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मानक के हिसाब से ऊंची चिनी गई झालों को नहीं तोड़ा तो वे अधिकारियों का घेराव करेंगे।