सोरों। तीर्थनगरी का प्राचीन शिवराज पशु मेला अच्छी नस्ल के पशुओं की मौजूदगी के कारण गुलजार बना हुआ है। इस मेले में यूपी के अलावा, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, पंजाब, उत्तरांचल के पशु व्यापारी आए हैं। रेगिस्तानी जहाज ऊंट, दरियारी घोड़े, काठियावाड़ी घोड़े, खच्चर आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मेले में बड़े पैमाने पर पशुओं की खरीद फरोख्त हो रही है।
यूपी के मेरठ, मुजफफ्रनगर, बिजनौर, सहारनपुर से बिक्री के लिए लाई गई सफेद घोड़ियां सभी के आकर्षण हैं। तमिलनाडु के व्यापारी सुंदरम की लाई गई बसंती घोड़ी सहसवान के खालिद ने डेढ़ लाख में खरीदी। कछला के रामेश्वर ने मिरहची के रामनिवास से पचास हजार का घोड़ा खरीदा।
उन्नाव से आए व्यापारी अलाउद्दीन सिद्दिकी की घोड़ी घोड़ा अपनी विशेषताओं के कारण सभी के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। काली आकर्षण घोडी रेशमा की कीमत साढ़े पांच लाख है तो सफेद घोड़ी पदमा की कीमत साढ़े तीन लाख है। मेला आयोजक राव मुकुल मान सिंह ने बताया कि घोडे़-घोड़ियां आकर्षण बनी हुई है।