फिरोजाबाद/आगरा। संभागीय परिवहन कार्यालय में राष्ट्रीय स्तर पर संचालित वाहन 4.0 साफ्टवेयर पर अगले सप्ताह से काम शुरू हो जाएगा। सोमवार को दोपहर बाद प्रदेश से जुड़े साफ्टवेयर को बंद कर दिया गया। मंगलवार को दिल्ली से आने वाली तकनीकी टीम वाहन 4.0 को अपलोड करने का काम करेगी। साफ्टवेयर अपलोड होने के कारण अगले तीन दिन तक आरटीओ में वाहनों के रजिस्ट्रेशन समेत कई कार्य बंद रहेंगे।
आरटीओ के सर्वर को उत्तर प्रदेश के स्थान पर अब वाहन 4.0 साफ्टवेयर से जोड़ने का काम शुरू होगा। इस साफ्टवेयर के शुरू होने पर देशभर में सर्वर पर जाकर डाटा चेक किया जा सकेगा। पुराना साफ्टवेयर लखनऊ मुख्यालय से जुड़ा हुआ था। आरटीओ में पिछले एक सप्ताह से पुराने साफ्टवेयर पर लंबित कार्यों को निपटाया जा रहा था। अब वाहन डीलर, परमिट आदि की पुरानी जमा कराई गई फीस नये साफ्टवेयर के लागू होने पर क्लीयरेंस नहीं मिलने से जब्त हो जाएगी।
आरटीओ (प्रशासन) डीके सिंह ने बताया कि कई दिन से पुराने आवेदनों और फीस को समायोजित करने के लिए वाहन स्वामियों को आगाह किया गया था। वाहन डीलरों को भी इसकी जानकारी दे दी गई थी। सोमवार को एआरटीओ प्रशासन नेहा द्विवेदी ने लंबित कार्यों को निपटाया। दोपहर बाद पुराना साफ्टवेयर बंद कर दिया गया। अब अगले तीन दिन तक परमिट, जुर्माना, वाहन रजिस्ट्रेशन, वाहन ट्रांसफर समेत जैसे कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे। आरटीओ ने बताया कि नए साफ्टवेयर को शुरू करने में चार दिन का वक्त लग सकता है। पहले चरण में फिरोजाबाद में इस साफ्टवेयर पर काम शुरू हो चुका है।
आगरा। नये साफ्टवेयर में सबसे बड़ी दिक्कत गति के धीमी होने की है। फिरोजाबाद में आरटीओ के कर्मचारी इस समस्या से जूझ रहे हैं। आरटीओ ने बताया कि दूसरी समस्या वाहन डीलर ने अगर आरसी में कोई गलती कर दी तो उसमें सुधार भी आसानी से नहीं हो सकेगा। पहले तो लखनऊ स्थित मुख्यालय से सुधार करवा लिया जाता था, लेकिन अब राष्ट्रीय स्तर पर होने के कारण इसमें लंबा वक्त लगेगा। इसलिए इस साफ्टवेयर के लांच होने के बाद गलतियां करने से बचना होगा। पारदर्शिता भी बढ़ जाएगी। इससे आरटीओ की कार्यप्रणाली में सुधार भी आएगा।
आगरा। इस साफ्टवेयर से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में कोई बाधा नहीं आएगी। ड्राइविंग लाइसेंस के कार्य पूर्ववत किए जाएंगे। लेकिन आरटीओ कर्मियों की चुनाव ड्यूटी होने के कारण सोमवार को डीएल का काम भी बाधित रहा।