शिकोहाबाद। पुलिस को गुमराह कर नाबालिग बेटी की शादी करना पिता को भारी पड़ गया। प्रभारी थानाध्यक्ष दीपक चंद्र दीक्षित ने जांच के बाद किशोरी के पिता शेर सिंह और पति विजय शंकर के खिलाफ बाल विवाह अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
नौसेहरा निवासी शेर सिंह ने अपनी नाबालिग बेटी भावना (14) की शादी मटसेना के गांव सिकैहरा निवासी विजय शंकर के साथ तय कर द थी। मंगलवार को विजय शंकर बारात लेकर नौसेहरा पहुंचा और शादी की रस्म शुरू करा दी। इसी दौरान विजय शंकर के रिस्तेदार ने पुलिस को नाबालिग की शादी होने की सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शादी को रुकवाते हुए पिता और रिश्तेदरों को लेकरथाने आ गई।
दोनों पक्षों में बैठ कर समझौता हुआ और 18 वर्ष तक होने तक शादी नहीं करने को लेकर पिता ने लिख कर दिया। रिश्तेदार और ग्रामीणों को गवाह बनाया गया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को छोड़ दिया। लेकिन गांव पहुंच कर शेर सिंह ने नाबालिग बेटी का विवाह विजय शंकर करते हुए डोली में बैठा कर विदा कर दिया।
जानकारी पर थाना पुलिस ने मामले की जांच कराई। जांच में नाबालिग की शादी पुष्टि होने पर प्रभारी थानाध्यक्ष दीपक चंद्र दीक्षित ने किशोरी के पिता शेर सिंह निवासी शाहजहांपुर घिरोर मैनपुरी और विजय शंकर निवासी सिकैहरा मटसेना के साथ अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और बाल विवाह अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। बाल कल्याण समिति/न्यायपीठ डा जफर आलम का कहना है कि पुलिस नाबालिग बालिका को समिति के सामने प्रस्तुत करे। इसके बाद समिति बालिका के संरक्षण को ध्यान में रख कर विधिवत कार्रवाई करेगी।