कोतवाली क्षेत्र के नगला पीपल में एक वृद्ध महिला की चोटी गुरुवार की शाम को कट गई। चोटी कटने के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जिसे चिकित्सक के पास ले जाया गया। उपचार के बाद महिला को राहत मिली। चोटी कटने की घटना से नगला पीपल और आसपास के गांव में हड़कंप मच गया है।
चोटी कटने की घटना की शिकार विमला पत्नी एबरन हुईं। बताया गया कि सायं के समय वह अपने घर के बाहर खड़ी हुईं थी। तभी कोई आटा मांगने आया,लेकिन जैसे ही वह आटा लाने के लिए मुड़ी तभी पीछे उनके बाल कटे हुए पड़े थे। एकदम उन्हेें बेचैनी हुई और वे बेहोश हो गईं। परिवारीजनों एवं आसपास के लोगों ने जब विमला को बेेहोशी की अवस्था में देखा तो तुरंत उठाकर पानी पिलाकर उनकी स्थिति सामान्य करने की कोशिश की। लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हुई। इसी बीच उन्हें गांव में चिकित्सक के यहां ले जाया गया। चिकित्सक ने उनका रक्तचाप नापा तो वह काफी बड़ा हुआ था। तत्काल ही चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार किया। रक्तचाप सामान्य होने पर वृद्धा को राहत मिल सकी। इस घटनाक्रम से वृद्धा काफी दहशत में थी और बार बार रो रही थी। घटना की सूचना मोहनपुरा चौकी की पुलिस भी मौके पर गई,लेकिन गांव में कोई भी आटा मांगने वाला नहीं मिला। बताया गया कि आटा मांगने वाले को किसी और ने नहीं देखा था। चोटी कटने की घटनाएं की जानकारी जैसे ही गांव के अन्य लोगों को हुई,तत्काल लोग विमला के घर पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों के बीच काफी दहशत देखी गई। लोग ताज्जुब करने लगे कि चोटी आखिर कैसे कट गई। बार बार ग्रामीण महिला से पूछ रहे थे कि किसी को देखा था,कैसे क्या हुआ। ग्रामीणों के बीच तरह तरह की चर्चाएं होती रहीं। वे तरह तरह के कयास लगा रहे थे।
चोटी कटवा का खौफ: घरों पर किया जा रहा है टोटके
चोटी काटने की अफवाह के खौफ का असर जिले में नजर आने लगा है। ग्रामीण क्षेत्रों के रिश्तेदार, परिचित आदि फोन करके उन्हें चोटी काटने की घटनाओं के बारे में बताते हुए सावधान कर रहे हैं।
ढोलना थाना क्षेत्र के गांव मददुपुर एवं बेहटा में इस तरह के फोन पहुंचने के बाद दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर विताई। फोन पर बताए गए टोना-टोटका के आधार पर लोगों ने रात में ही अपने घरों के आगे उपले जलाकर रख दिए। घरों के दरवाजे पर हाथों के थापे और सतिया लगाए गए। ग्रामीण पन्ना लाल ने बताया कि जयपुर से उनके चचेरे भाई का फोन आया। फोन के बाद रात में घर के बाहर तीन कंडे जलाए। साथ ही अपनी पत्नी आरती से हाथ के थापे व सतिया बनावा दिए।
इसी गांव की सूरज मुखी, व गायत्री ने फोन आने के बाद घर के दराजे पर हल्दी से थापे लगवाने, सतिया काढ़ने की बात बताई। गांव बहटा निवासी दौजा देवी ने बताया कि अलीगढ़ से बेटी ने फोन आया। उसने जो बताया वही किया। माया देवी की बेटी ने दिल्ली से फोन कर घर के दरवाजे पर हाथ के थापे लगाने को कहा।
पुरुष लगा रहे पैरों पर महावर
किसी भी शुभ कार्य से पहले सुहागिन महिलाओं के पैर पर लगाया जाता है। चोटी कटने के खौफ का असर इस कदर लोगों के सिर पर हावी होता जा रहा है कि घर में सभी को महावर लगाया जा रहा है। महिलाएं अपने पति, देवर, पुत्र-पुत्रियों सभी के पैरों पर महावर लगा रही हैं। वहटा की महिला आशा देवी ने बताया कि उनके घर पर सभी सदस्यों के पैरों पर महावर लगाया गया है।