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किसानों का कर्ज जल्द माफ करेगी सरकार: बालियान

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केंद्रीय मंत्री व सांसद हेमा - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि किसानों का कर्ज जल्द माफ होगा। बैंकों में किसानों की सूची बनाने का काम भी शुरू हो गया है। किसान जनकल्याण सम्मेलन में गूंजी खारे पानी की समस्या पर कहा कि आगरा, मथुरा और हाथरस को मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए काम चल रहा है।
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भाजपा द्वारा मांट के गांव जाबरा में कराए गए किसान जन कल्याण सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने कहा कि किसानों का कर्ज माफ करना सरकार की प्राथमिकता में है। इस पर काम भी शुरू हो गया है। सरकार आगरा, हाथरस और मथुरा को पीने के लिए मीठा पानी उपलब्ध कराएगी।

जल्द ही खारे पानी की समस्या से निजात मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि बरसात का पानी इकट्ठा करके जलस्तर बढ़ाने की योजना है। इसके लिए बड़े तालाब और कुएं बनाए जाने हैं। तालाबों के संरक्षण को तालाब प्राधिकरण का भी गठन किया जा रहा है। उन्होंने नौहझील के किसानों की मांग पर कहा कि नौहझील ब्लाक को डार्क जोन की सूची से हटाया जाएगा। किसानों को नलकूप के कनेक्शन जारी किए जाएंगे।
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सांसद हेमामालिनी ने कहा कि अब तक सांसद निधि से सबसे अधिक कार्य मांट क्षेत्र में कराए गए हैं। आगे भी विकास कराया जाएगा। कई जगह आरो प्लांट लगा दिए गए हैं जबकि कई स्थानों पर लगाए जाने हैं। यहां भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी तेजवीर सिंह, एसके शर्मा, मुकेश वार्ष्णेय, पदम सिंह शर्मा, चेतन मलिक,जाबरा प्रधान बिजेंद्रपाल सिंह, रामप्रताप सिंह, मधु शर्मा, प्रनतपाल सिंह, विनोद चौधरी, दलबीर सिंह मास्टर अशोक अग्रवाल मौजूद रहे।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अभी प्रदेश में भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ है। तमाम अधिकारी अभी भी बेलगाम हैं। लोगों से रिश्वत ली जा रही है। जनता की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में सत्ता बदली है लिहाजा सब कुछ ठीक करने में वक्त लगेगा। अब ऐसे अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी।


बोलीं हेमा, इतनी गर्मी में शाल
किसान पंचायत में मुख्य अतिथि के रूप में जब सांसद हेमा मालिनी पहुंची तो सभी ने उनका स्वागत जोरदारी के साथ किया लेकिन जब एक भाजपा नेता द्वारा शाल भेंट किया गया तो वह बोल पड़ी..इतनी गर्मी में शाल..।


किसानों की समस्याएं नहीं सुनी गईं
किसान सम्मेलन में तमाम किसान अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे थे। लेकिन यहां किसी की समस्या सुनी ही नहीं गई। निर्धारित समय से दो घंटे लेट हुए कार्यक्रम में लोग धूप में यह सोचकर बैठे रहे कि वह मंत्री को अपनी समस्या बताएंगे।
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