पटवाई के मथुरापुर पर पीसीएफ के केंद्र पर खुले में पड़ा गेहूं । अमर उजाला
एटा। गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों की आमद कम होने से जिम्मेदार बेचैन हैं। ऐसे में मंडी के आढ़तियों को किसान के गेेहूं की खरीद नहीं करने का फरमान सुनाने के आरोप व्यापारियों ने लगाए हैं।
जिले में गेहूं खरीद के लिए विभिन्न एजेंसियों के अब तक 89 क्रय केंद्र खोले जा चुके हैं, लेकिन किसान यहां अपना गेहूं लेकर नहीं पहुंच रहा है। क्रय केंद्रों पर किसानों को नकद भुगतान नहीं होता है, ऐसे में वह अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए आढ़त को ही वरीयता देते हैं। मंडी में आढ़तियों के पास गेहूं की आमद शुरू हो गई है, लेकिन मंडी सचिव के फरमान से व्यापारी परेशान हैं। आरोप है कि सचिव ने मंडी के आढ़तियों को स्पष्ट कह दिया है कि कोई भी आढ़ती किसान का गेहूं नहीं खरीदेगा। किसान अपना गेहूं सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर जाकर बेचेंगे। इधर, जिले के किसानों ने पंजीकरण में भी रुचि नहीं दिखाई है। पिछली साल की अपेक्षा अब तक बहुत कम पंजीकरण होने से जिम्मेदारों की चिंता लक्ष्य को लेकर बढ़ी हुई है। इस बार 60 हजार, 500 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है ,जिसे पूरा करना चुनौती बना हुआ है।
आढ़तियों को गेहूं खरीदने की मना नहीं किया है, बल्कि किसानों का गेहूं समर्थन दर 1840 से कम में नहीं खरीदने से मना किया है। अगर आढ़ती दर से कम पर गेहूं खरीदेेंगे तो किसानों का नुकसान होगा। इसलिए ऐसा कहा गया है।
अशोक सिंह सोलंकी, मंडी सचिव।