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पुलिस हिररासत में युवक की हालत बिगड़ी, दरोगा पर पिटाई का आरोप

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पुलिस हिररासत में युवक की हालत बिगड़ी, दरोगा पर पिटाई का आरोप - फोटो : अमर उजाला
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एटा। कोतवाली देहात में पुलिस अभिरक्षा में एक युवक की हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ते ही आनन फानन उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। थाने में बंद उसके भाई को भी पुलिस जिला अस्पताल ले गई। परिजनों का आरोप है कि बिना किसी मुकदमे के देहात पुलिस दोनों भाईयों को चार नवंबर से थाने में बैठाए है ओर मारपीट कर रही है। इसी के चलते युवक की हालत बिगड़ गई। वहीं पुलिस अधिकारी चार नवंबर से युवकों के हिरासत में होने की बात से इंकार कर रहे हैं।
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कोतवाली देहात के गांव चुन्नपुरा निवासी वीरेंद्र के दस वर्षीय पुत्र मोनू का गत 12 अक्तूबर को अपहरण हो गया था। इस मामले में वीरेंद्र ने अज्ञात लोगों पर अपहरण का मुकदमा भी दर्ज कराया था। पुलिस लगातार बालक की तलाश कर रही थी। इसी मामले में चुन्नपुरा निवासी चरन सिंह व मान पाल पुत्रगण महेंद्र पाल को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था। शुक्रवार को पुलिस अभिरक्षा में चरन सिंह की हालत बिगड़ गई। पुलिस ने उसे आनन फानन जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना पर परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए। यहां चरन सिंह के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस दोनों भाईयों को चार नवंबर से बंद किए है। पीड़ित चरन सिंह ने बताया कि दो दिन पहले दरोगा राजेश कुमार उसे थाने की छत पर ले गए और उसके हाथ पैर बांधकर पटे से मारपीट की। इसके बाद फिर उसे हवालात में बंद कर दिया। इसके बाद से उसकी तबियत खराब थी। शुक्रवार को उसकी हालत अधिक बिगड़ गई। इधर कोतवाली प्रभारी देहात अनूप कुमार भारती को अवकाश से लौटने के बाद जब चरन सिंह की हालत बिगड़ने की जानकारी हुई तो वह उसे देखने जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि दोपहर के बाद अवकाश से लोटे हैं, इसकी जानकारी मिलते ही अस्पताल आ गया। इधर एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि अपहरण के मामले में युवकों को पूछताछ के लिए गुरुवार को ही बुलाया गया था। तबियत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उपचार के बाद युवक की तबियत ठीक है। मामले की जांच कराई जा रही है।
इलाज के लिए दिया रुपयों का प्रलोभन
एटा। पुलिस अभिरक्षा में युवक की हालत खराब होने के बाद पुलिस के हाथ पांव फूल गए। जिसे लेकर युवक को जिला अस्पताल में आनन-फानन में भर्ती कराया। इतना ही नहीं पुलिस ने मामले को दबाने के लिए परिजनों को जिला अस्पताल में इलाज के लिए रुपये देने का भी प्रलोभन दिया। हालांकि परिजन ने पुलिस कर्मी से रुपये नहीं लिए।
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पुलिस की थर्ड डिग्री से हो चुकी है मौत
एटा। पुलिस की पिटाई से युवक की हालत खराब होने का पहला करनामा नहीं है। इससे पहले पुलिस के थर्ड डिग्री इस्तेमाल से अवागढ़ क्षेत्र के एक युवक की मौत हो चुकी है। जिसे उस समय राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद शांत कराया गया था। इससे पहले थाना अलीगंज में भी एक व्यक्ति की पुलिस हिरासत में हवालात के अंदर मौत होने की घटना हो चुकी है।
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