मथुरा। शस्त्र लाइसेंस पर लगी रोक हटने के बाद अब लाइसेंस के लिए जिले में अचानक हलचल बढ़ गई है। लोगों ने लाइसेंस बनवाने के लिए एप्रोच भी लगाना शुरू कर दिया है। कोई मंत्री, विधायक का द्वार खटखटा रहा है तो कोई जिलाध्यक्ष से जुगाड़ लगा रहा है। अब तो अफसरों के यहां भी सिफारिश पहुंचने लगी हैं।
करीब पिछले चार साल से प्रदेश में नवीन शस्त्र लाइसेंस प्रतिबंधित था। इसके चलते जनपद में 12 हजार शस्त्र लाइसेंस के आवेदन निष्प्रभावी हो गए। अब जैसे ही प्रदेश सरकार ने इस प्रतिबंध को खत्म करने की घोषणा की, इच्छुक लोगों में एक बार फिर हलचल मच गई।
इसका असर साफ तौर पर प्रशासनिक अधिकारी और राजनेताओं के यहां दिखाई दे रहा है। अब तक जो लोग नाली, खड़ंजा की मांग को लेकर सिफारिश के लिए पहुंच रहे थे, अब वह लोग शस्त्र लाइसेंस की एप्रोच करा रहे हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष नगेंद्र सिकरवार बताते हैं कि 70 से 80 प्रतिशत लोगों की सिफारिश अचानक शस्त्र लाइसेंस के लिए आ रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच रखने वाले लोग यहां भी एप्रोच लगा रहे हैं। कलक्ट्रेट में अब तो असलाह पटल पर भी भीड़ रहने लगी है। लोग शस्त्र लाइसेंस की शुरू होने वाली प्रक्रिया की जानकारी के लिए यहां पहुंच रहे हैं।