एटा। परिषदीय विद्यालयों का ढर्रा सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम प्रयासों के बाद शिक्षक समय से विद्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं समय से पहले विद्यालय से घर भी लौट रहे हैं। इसका खुलासा एनपीआरसी द्वारा किए गए निरीक्षण में हुआ है। जिसमें शीतलपुर विकास खंड के स्कूलों के निरीक्षण में आठ शिक्षक, 14 शिक्षामित्र एवं दो अनुदेशक अनुपस्थित मिले। दो विद्यालय बंद पाए। एनपीआरसी ने निरीक्षण आख्या प्रस्तुत कर कार्रवाई की संस्तुति की है।
शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर एनपीआरसी शैलेश शर्मा ने शीतलपुर ब्लॉक के कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान प्राथमिक विद्यालय मिलावली प्रथम में शिक्षामित्र मंजूरानी, प्रावि कुठिला में शिक्षामित्र राघवेंद्र प्रताप, उमावि शीतलपुर में शिक्षिका मधुबेन बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित मिले। प्रावि भटमई में शिक्षामित्र प्रियंका राठौर, कीलरमऊ में मंजू कुमारी, कासौन में सीमा यादव, मीरा यादव, प्रावि भदौं पर शिक्षामित्र उदयवीर अनुपस्थित मिले। उच्च प्राथमिक विद्यालय में अनुदेशक एक माह से अनुपस्थित थीं।
एनपीआरसी शैलेश शर्मा ने कार्रवाई की संस्तुति के साथ निरीक्षण आख्या जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रेषित कर दी है।
हर माह 20 विद्यालयों का करना है निरीक्षण
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों के चल रहे अभाव को लेकर एनपीआरसी को नई जिम्मेदारी है, जिसके तहत हर एक एनपीआरसी को अपने अपने क्षेत्र के बीस बीस विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर हर माह रिपोर्ट देनी है, जिससे बेसिक शिक्षा में बदलाव लाया जा सके।