शिकोहाबाद। हाईवे सिक्सलेन निर्माण में जिन लोगों की जमीन अधिगृहीत की गई, उनमें से कुछ को अभी तक हाईवे अथॉरिटी ने भुगतान नहीं किया है, लेकिन आए दिन उनके आवासों को ध्वस्त करने प्रशासनिक अधिकारी जेसीबी मशीन लेकर पहुंच जाते हैं।
बुधवार को जिलाधिकारी ने मंडी समिति से लेकर सुभाष तिराहे तक निरीक्षण किया और दुकानदार व भवन मालिकों से बात की। डीएम ने हाईवे अथॉारिटी को आदेश दिया कि दो दिन में मुआवजे की राशि लाभार्थियों के खाते में पहुंचा दी जाए।
सुभाष तिराहे से मंडी समिति तक कुछ भवन और दुकान मालिक ऐसे हैं, जिनकी जमीन को एनएचएआई ने अधिग्रहीत तो कर ली, लेकिन मुआवजा अभी तक दिया है। पैसा न मिलने से लोग अपने भवनों को तोड़ने नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि पैसा मिलने के एक सप्ताह बाद हम मकान, दुकान को स्वत: ध्वस्त कर देंगे। बुधवार को जिलाधिकारी नेहा शर्मा स्वयं पहुंची और उन्होंने अधिकारियों से मुआवजे की राशि खाते में शीघ्र जमा कराने और लाभार्थियों से शीघ्र अवरोध हटाने के निर्देश दिए हैं।
जमीन की पैमाइश कराने के बाद बुधवार को पुलिस फोर्स के साथ कब्जा हटवाने गए नायब तहसीलदार को विरोध के चलते लौटना पड़ा। स्वामी नगर में गाटा संख्या 485-486 में तीन सह खातेदार हैं। कुछ खातेदारों ने अपने हिस्से की जमीन पर निर्माण करा लिया है, जबकि कुछ की जमीन खाली पड़ी है। आगे नहर विभाग की जमीन है, जिस पर कुछ लोगों ने गिट्टी-बालू डाल रखी है।
एक सह खातेदार ने शिकायत की तो मंगलवार को राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश कर दी। बुधवार को नायब तहसीलदार फोर्स लेकर गिट्टी-बालू को हटवाने लगे। जमीन लगे पौधे जेसीबी से तोड़ दिए। दूसरे पक्ष ने विरोध किया और भाजपा पदाधिकारी बुला लिए। उन्होंने डीएम से फोन बात की। डीएम का फोन आने के बाद नायब तहसीलदार टीम के साथ लौट आए।