मैनपुरी। आज से पालिथीन पर पूर्णतया प्रतिबंध लगने जा रहा है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। पालिथीन पर प्रतिबंध कुछ समय के लिए परेशानी का भी कारण बन सकता है। पालिथीन को लेकर लोगों के अलग-अलग विचार हैं।
शासन ने पर्यावरण रक्षा के लिए 50 माइक्रॉन की पालिथीन पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया है। जिला प्रशासन ने इसके लिए मुनादि कराई थी। पिछले एक सप्ताह से नगर सहित जनपद भर में दुकानदारों को मुनादी कराकर 15 जुलाई से पालिथीन पर प्रतिबंध के निर्देश दिए थे। पालिथीन पर प्रतिबंध से लोगों की मिली जुली प्रतिक्रियाएं हैं। एक तरफ जहां लोग इसे पर्यावरण की रक्षा के लिए अच्छा कदम बता रहे हैं।
वहीं दूसरी तरफ पालिथीन की बिक्री पर रोक से बाजार में कई प्रकार की समस्याएं खड़े होने की संभावना जता रहे हैं। दुकानदारों में भी शासन की कार्रवाई को लेकर दहशत देखी जा रही है। वहीं जो पालिथीन के थोक विक्रेता हैं उनकी चिंताएं और भी बढ़ गई हैं। लाखों का माल गोदामों में भरा हुआ है। इसकी सप्लाई नहीं हो पाई।
आज से बंद नहीं की पालिथीन तो होगी कार्रवाई
मैनपुरी। प्रदेश सरकार ने प्रदेश में प्लास्टिक को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है। इसके लिए लोगों को जागरूक करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसमें व्यापारियों, स्वयंसेवी संगठनों, स्कूलों-कालेजों और वार्ड में बैठक कर प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी। यह बातें डीएम प्रदीप कुमार ने बैठक के दौरान कहीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान की शुरुआत अपने कार्यालयों में प्लास्टिक का प्रयोग बंद कराकर करें। स्वयं प्लास्टिक का प्रयोग न करके लोगों को प्रेरित किया जाएगा। उसके बाद व्यापक स्तर पर छापेमारी की कार्रवाई की जाएगी।