मथुरा। वाकई रविवार मथुरा के लिए बड़ा दिन था। जिसने भी अपने भगवान को दूल्हे के रूप में देखा वहीं बलइयां लेता रहा। अधिकमास में भक्त और भगवान की भक्ति का एक ऐसा रंग बिखरा कि हर कोई जय-जयकार कर रहा था। द्वारिकाधीश दूल्हा बने थे और पूरा ब्रज बाराती बन गया। कहीं बैंड बज रहा था तो कहीं बाराती झूम रहे थे। पुष्प बरसा हुई। बारातियों पर इत्र छिड़का गया।
द्वारिकाधीश की बारात की तैयारियां पिछले कई रोज से चल रही थीं। जिस मार्ग से बारात निकलनी थी उसे फूलों से सजाया गया। आयोजन समिति ने प्रदेश के साथ ही आसपास के राज्यों में भी बारात का निमंत्रण भेजा था। बड़ी संख्या में लोग पहुंचे भी। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बड़े उत्साह के साथ बारात में शामिल होने आए थे। नए कपड़ों से सजे-धजे थे लोग। विपिन कुमार परिवार के साथ दिल्ली से आए थे।
रोहित बंसल कानपुर से पहुंचे। जबकि दिनेश कुमार गाजियाबाद, शोभित खन्ना, नोएडा और विपिन शर्मा बुलंदशहर से परिवार के साथ पहुंचे। इन लोगों का कहना था कि अपने भगवान की बारात में शामिल होना तो बड़े सौभाग्य की बात है। गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश तक से लोग पहुंचे। बारात में शामिल होने के लिए इन लोगों ने नए कपड़े तैयार कराए थे।
भगवान की बारात देखने बड़ी दूर-दूर से आए लोग
मथुरा। द्वारिकाधीश की बारात को देखने के लिए बड़ी दूर-दूर से लोग आए थे। मथुरा तो बारात में शामिल था ही आगरा, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, जयपुर, अलीगढ़, बरेली, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली, लखनऊ और कानपुर के साथ कई शहरों से लोग पहुंचे थे। गिरिराज सेवा समिति ने इस शोभायात्रा का आयोजन किया था। इस समिति से जुड़े लोग यूपी के साथ आसपास के राज्यों से भी पहुंचे थे। समिति के अध्यक्ष मुरारी अग्रवाल ने बताया कि कई राज्यों से लोग पहुंचे थे।
सुगंधित फूलों से महक रहा था द्वारिकाधीश का मंदिर
मथुरा। भगवान की बारात को लेकर द्वारिकाधीश का मंदिर भव्य रूप से सजाया गया था। दूर दूर तक बिखर रही थी फूलों की सुगंध। मंदिर में फेरों के लिए मंडप बनाया गया था।