शहर में होली पर रंगों की मस्ती की बात हो तो हर किसी को अल्लादीन की दुकान याद आती है। आज भी व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा के युग में अल्लादीन की दुकान के रंगों की गुणवत्ता पर लोगों का भरोसा है और इसी भरोसे पर लोग होली के रंगों की खरीदारी के लिए वहां पहुंचते हैं। गुरुवार को अल्लादीन की दुकान पर रंग खरीदने वालों की काफी भीड़ रही।
बिलराम गेट के मुख्य बाजार में अल्लादीन की दुकान 50 वर्ष पुरानी है। शुरू से ही दुकान में रंगों का कारोबार हो रहा है। अल्लादीन की दुकान इस बाजार में सांप्रदायिक सौहार्द की एक बड़ी मिसाल है। उनके आसपास दूसरे समुदाय के लोगों की दुकानें हैं, लेकिन अल्लादीन और उनके परिवार के लोगों से सभी के रिश्ते मधुर हैं। किसी के साथ रिश्तों में कोई कड़वाहट नहीं है।
आज कल अल्लादीन के पुत्र यूनुस दुकान का संचालन करते हैं। उनके पिता अल्लादीन की एक वर्ष पहले मौत हो गई। यूनुस बताते हैं कि उन्हें कभी किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई। वह आस पास के दुकानदारों के साथ पूरी तरह से मिलजुल कर रहते हैं। सांप्रदायिक तनाव या झगड़ा किसी में नहीं होना चाहिए। एक दूसरे के प्रति सभी में इंसानियत का भाव हो। रंग का कारोबार उनके परिवार की रोजी रोटी है। हमेशा से परिवार ने अच्छी गुणवत्ता पर ध्यान दिया और रंगों की अच्छी गुणवत्ता के लिए आज भी उनकी दुकान की पहचान है।