मथुरा। चार अप्रैल 2016 को करीब 250 लोगों ने जवाहर बाग से निकलकर तहसील पर हमला बोल दिया था। करीब दो साल पहले हुई इस वारदात की गवाही सोमवार को एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में हुई। जिसमें वादी लेखपाल नितिन चतुर्वेदी ने कोर्ट को बताया कि वह मारपीट करने वालों में से किसी को नहीं जानते।
मामले में एडवोकेट राकेश कुमार द्वारा भी एक अन्य रिपोर्ट थाना सदर बाजार में दर्ज कराई गई थी। इस केस में थाना सदर बाजार के रिपोर्ट लेखक अजीत सिंह ने भी गवाही दी। मारपीट के एक अन्य घटना 16 मार्च 2016 को उद्यान कर्मचारी देवी सिंह के घर में घुसकर हुई। इसमें रिपोर्ट लेखक अजीत सिंह द्वारा भी गवाही दी गई।
सोमवार को एसीजेएम कोर्ट में मथुरा, आगरा, अलीगढ़, सुल्तानपुर कानपुर और गाजीपुर की जेल से जवाहर बाग कांड के आरोपी पेश हुए। आरोपियों के अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि सोमवार को हुई गवाही में केस के वादी ने आरोपियों को पहचानने से इंकार कर दिया।